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6 दिसंबर से पहले झारखंड में होगी बड़ी संख्या में शिक्षकों की बहाली, यहां करें आवेदन; जानिए योग्यता

रांची. विद्या विकास समिति और वनांचल शिक्षा समिति की ओर से सरस्वती शिशु विद्या मंदिरों के नाम से झारखंड में संचालित विद्या भारती के स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की बहाली होने जा रही है. इसके लिए 24 दिसंबर को झारखंड के अलग-अलग केंद्रों पर लिखित परीक्षा ली जाएगी. लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार होगा. उच्चतर योग्यताधारी को वरीयता दी जाएगी.

विद्या विकास समिति झारखंड के प्रदेश सचिव अजय तिवारी ने कहा कि विद्या भारती की ओर से झारखंड में 214 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से लगभग 150 विद्यालयों में अलग-अलग विषयों के शिक्षकों की बहाली की जाएगी, जिनकी नियुक्ति होगी, उन्हें किसी भी स्कूल में भेजा जा सकता है.

किन पदों के लिए होगी बहाली?

प्रदेश सचिव ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक (पीआरटी) पद के लिए अंग्रेजी, विज्ञान और संगणक विषयों में बहाली की जाएगी. प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) पद के लिए हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, रसायन व भौतिकी विषयों के शिक्षकों की जरूरत है.

वहीं, पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षक (पीजीटी) पद के लिए अंग्रेजी, गणित, रसायन, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा एवं लेखाशास्त्र के शिक्षकों की जरूरत है. इसके अलावा संगीत आचार्य तथा कार्यालय प्रमुख के पदों पर भी बहाली की जाएगी.

क्या है योग्यता?

अजय तिवारी ने कहा कि आवेदक की आयु 30 नवंबर 2023 को 45 वर्ष से अधिक एवं 21 वर्ष से काम नहीं होनी चाहिए. जहां तक न्यूनतम योग्यता की बात है तो पीआरटी के लिए संबंधित विषय में स्नातक के साथ डीएलएड, संगणक में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से बीसीए या समकक्ष टीजीटी से संबंधित विषय में स्नातक एवं बीएड किया हुआ हो.

पीजीटी से संबंधित विषय में स्नातकोत्तर के साथ बीएड. शारीरिक शिक्षा के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से एमपीएड की योग्यता प्राप्त हो. संगीत में स्नातक के साथ प्रभाकर या समकक्ष (वादक को वरीयता दी जाएगी), वहीं कार्यालय प्रमुख के लिए वाणिज्य स्नातक के साथ टैली तथा एमएस ऑफिस का ज्ञान होना अनिवार्य है.

यहां पर हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग जानने वाले को वरीयता दी जाएगी. आवेदन फॉर्म विद्या विकास समिति झारखंड की वेबसाइट पर जाकर 6 दिसंबर 2023 तक भर सकते हैं. उन्होंने कहा कि विद्या भारती के स्कूलों में देशभक्ति, राष्ट्रवाद, पारिवारिक संस्कार आदि की शिक्षा दी जाती है. बच्चों से बहुत ही कम शुल्क लिए जाते हैं.