नियोजित शिक्षकों के तमाम विरोध-प्रदर्शन के बावजूद आखिरकार 26 फरवरी से उनकी परीक्षाएं शुरु हुई. कुछ शिक्षकों ने परीक्षा के प्रश्नों का लेवल हाई बताया तो वहीं कुछ ने सामान्य भी बताया. कई नियोजित शिक्षकों का तो शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को लेकर आक्रोश भी फूट पड़ा. तो वहीं इन तमाम गतिविधियों के बीच नियोजित शिक्षकों को बड़ी राहत मिल गई है. दरअसल, नियोजित शिक्षकों को उनके हक के पैसे मिलने वाले हैं. बिहार शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पंचायत और शहरी निकायों से जुड़े नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए राशि जारी कर दी है.
111.57 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत
जानकारी के मुताबिक, इसके लिए शिक्षा अभियान द्वारा 111.57 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. यह राशि समग्र शिक्षा अभियान के तहत अनुदान सहायता के रूप में दी गई है. इस संबंध में विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है. यह भी बताया गया है कि, राज्य के अठारह जिलों में नियोजित शिक्षकों के वेतन मद में अपेक्षित राशि उपलब्ध नहीं है. इसलिए उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. ऐसे में समग्र शिक्षा अभियान के फंड से वेतन भुगतान संभव है. इसलिए राज्य निधि से 111.57 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है.
इन जिलों के नियोजित शिक्षकों को मिलेंगे पैसे
बात करें उन जिलों की जहां यह राशि दी जाएगी उनमें शामिल हैं, अररिया, अरवल, औरंगाबाद,खगड़िया, गया, गोपालगंज, नालंदा, बक्सर, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर , मधुबनी , मुंगेर, मुजफ्फरपुर, रोहतास, समस्तीपुर, सारण और सिवान. इन सभी जिलों के नियोजित शिक्षकों के वेतन के लिए राशि जारी की गयी है. वेतन राशि जारी करने के आदेश शिक्षा विभाग के अपर सचिव ने जारी किये हैं. बता दें कि, शिक्षा विभाग ने राज्य के 1127 अराजकीय प्रस्वीकृत और अनुदानित मदरसों में नियुक्त एवं कार्यरत स्नातक एवं स्नातकोत्तर विज्ञान शिक्षकों के वेतन के लिए कुल साढ़े तीन करोड़ से अधिक की राशि जारी की गयी है. इस राशि में वर्ष 2012-13 तक कार्यरत विज्ञान शिक्षकों को बकाया मानदेय का भुगतान किया जायेगा. यह राशि विज्ञान शिक्षकों के सीधे खाते में डाली जायेगी.
जरुरी आदेश भी किए गए जारी
बता दें कि, वर्तमान में स्नातक विज्ञान शिक्षकों को छह हजार रुपये प्रति माह और स्नातकोत्तर विज्ञान शिक्षकों को 12 हजार रुपये प्रति माह दिया जाना है. इंटर स्तरीय विज्ञान शिक्षकों को प्रति माह तीन हजार के हिसाब से मानदेय दिया जाना है. इस संदर्भ में जरूरी आदेश भी शिक्षा विभाग के अपर सचिव ने जारी किए हैं. फिलहाल दोनों मामलों में वेतन भुगतान के आदेश जारी किए जा चुके हैं. तो वहीं फिलहाल तो नियोजित शिक्षकों की जो मांग सरकार से थी, उसे लेकर तो किसी भी तरह का निर्णय नहीं लिया गया है. जिसके कारण उनका विरोध जारी है. लेकिन, इस बीच नियोजित शिक्षकों को उनके हक के पैसे जरुर मिलने वाले हैं.