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RJD नेता ने दुर्गा मां को लेकर की विवादित टिप्पणी, पूजा पर खर्च करना बताया बेफिजूल

आरजेडी नेता व बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने पिछले दिनों 'रामचरितमानस' को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. जिसके बाद गजब का बवाल सियासत में देखने के लिए मिला था. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दमदार बयानबाजी देखने के लिए मिली. हालांकि, यह मामला अब शांत हो गया है. लेकिन, इस बीच आरजेडी के एक और नेता ने बड़ा बयान दे दिया है. दुर्गा मां को लेकर आरजेडी नेता ने विवादित टिप्पणी कर दी है और वह नेता आरजेडी विधायक फतेह बहादुर सिंह है. मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने दुर्गा मां को काल्पनिक बताया और कई तरह की बयानबाजी की.    

दुर्गा मां से जुड़े सवाल पर विवादित टिप्पणी 

मीडियाकर्मियों की ओर से आरजेडी विधायक से सवाल किया गया कि, वे दुर्गा मां को मानते हैं या नहीं ? इस पर आरजेडी विधायक ने प्रतिक्रिया दी कि, ये काल्पनिक कहानी है. मैं मान लेता, लेकिन मेरे पास साक्ष्य है. विधायक ने कहा कि, मनुवादियों के अनुसार देश में 33 करोड़ देवी-देवता हैं लेकिन जब भारत गुलाम हुआ, ब्रिटिश सरकार भारत में आई और गुलाम बनाने का काम किया उस समय भारतीयों की संख्या 30 करोड़ थी. मैं उन मनुवादियों से पूछना चाहता हूं जिन्होंने ये लिखा कि महिषासुर की करोड़ों सेना के साथ मां दुर्गा ने लड़ाई लड़ी और महिषासुर का नरसंहार कर दिया. जब मुट्ठी भर ब्रिटिश सरकार ने भारत को गुलाम बनाया तो मां दुर्गा क्या कर रही थीं ? दस हाथ का औजार कहां था ?

'पूजा पर खर्च करना है बेफिजूल'

बता दें कि, शारदीय नवरात्रि का मौका था और ऐसे में हर जगह देवी-देवताओं की पूजा हो रही थी. जिसको लेकर भी पत्रकारों के द्वारा जब सवाल किया गया तब विधायक जी ने साफ तौर पर पूजा पर खर्च करना बेफिजूल बताया. उन्होंने कहा कि, यह सारा खर्च बेकार है. जब दुर्गा का कोई इतिहास ही नहीं है तो लोग क्यों इतना खर्च करते हैं ? अगर वह तीनों लोक की देवी थीं तो क्या भारत में ही तीनों लोक है. अगर दुर्गा देवी रहतीं और इनका अवतार हुआ रहता तो ये भारत में ही क्यों पूरे विश्व में क्यों नहीं ? मैं कहता हूं कि हम कौन से हिंदू हैं ? जिन मनुवादियों ने देवताओं को काल्पनिक बनाया, उन्होंने ही ओबीसी एससी-एसटी को शूद्र बना दिया. वहीं, आरजेडी विधायक के इस बयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. कई तरह के रिएक्शन भी आने शुरू हो गए हैं.