पटना: राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। हालांकि इस मामले की जांच के लिए SIT गठन होने के बाद यह माना जा रहा था कि अब सही तरीके से जांच होगी लेकिन शुक्रवार को राजधानी पटना में हुए कुछ घटनाक्रम ने एक बार फिर बिहार पुलिस पर सवाल खड़ा कर दिया है। इस मामले को लेकर एक तरफ छात्रा के परिजनों ने अब डीजीपी पर भी गंभीर आरोप लगाये हैं तो दूसरी तरफ इस मामले में राजनीति भी काफी तेज हो गई। इस मामले को लेकर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव लगातार हमलावर बने हुए हैं वहीं राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार से बड़ा सवाल किया है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने छात्रा के परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस पर भी कई गंभीर आरोप लगाये और कहा कि अब ऐसा लगने लगा है कि मुजफ्फरपुर कांड की तरह ही इस मामले में भी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा। इस मामले में पुलिस और सरकार किसी न किसी को बचाने में लगी हुई है जिसकी वजह से इसे रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है।
राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बताया कि 'माननीय मुख्यमंत्री जी .. जैसे आपके शासन में मुजफ्फरपुर महापाप के मामले में बेटियों को इंसाफ नहीं मिला, असली दोषियों को सजा नहीं मिली, ठीक वैसे ही शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में बलात्कार की शिकार बनाए जाने के बाद बेरहमी से मार दी गयी बेटी के मामले में भी इंसाफ मिलने की गुंजाईश नहीं दिखती .. मुख्यमंत्री जी .. घटना घटित होने व् उजागर होने के दिन से अभी तक के पुलिसिया जाँच के रवैये - तौर - तरीके से तो यही स्पष्ट होता है कि किसी को बचाना चाहती है आपकी सरकार व् पुलिस , पहले बिना पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट के आए बलात्कार होने से पटना पुलिस ने इंकार किया, घटना - स्थल को कई दिनों तक सील न कर दोषियों को सबूतों व् साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की छूट दी गयी , शक के घेरे में आने वाले लोगों और परिजनों के द्वारा बताए गए आरोपियों व् संदिग्ध भूमिका वाले डॉक्टरों की न तो गिरफ़्तारी हुई ना ही उनसे कोई कड़ी पूछताछ , परिजनों पर महिला थानाध्यक्ष व् हॉस्टल संचालिका के द्वारा पैसा लेने का दबाब बना कर मामले को रफा - दफा करने की कोशिश की गयी , एसआईटी जांच की आड़ में मृतका के परिजनों को बेवजह परेशान किया गया और अब आज जब ऐसी खबरें आ रहीं हैं कि " मृतका के परिजनों को डीजीपी के द्वारा ये बताया गया कि बलात्कार की बात गलत है , मामला आत्म - हत्या का है , तो ऐसे में इंसाफ मिलना तो दूर की बात इस जघन्य - घृणित घटना को अंजाम देने वालों को सेफ - पैसेज देती ही दिखती है बिहार पुलिस'
बता दें कि इस मामले में शुक्रवार का दिन काफी गर्म रहा और राजधानी पटना में हलचल काफी तेज रही। एक तरफ डीजीपी ने SIT की टीम को तलब कर मामले की जानकारी ली तो दूसरी तरफ गृह मंत्री ने भी डीजीपी समेत SIT को तलब किया। इतना ही नहीं छात्रा के परिजन ने भी डीजीपी के आवास पर जा कर मुलाकात की और फिर डीजीपी समेत पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाये। छात्रा की मां ने कहा कि डीजीपी कह रहे हैं कि मान लो कि छात्रा के साथ बलात्कार नहीं हुआ है बल्कि उसने आत्महत्या की है।
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