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बिहार में शिक्षकों की होने वाली है बंपर बहाली, लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा तोहफा

बिहार में शिक्षकों का मुद्दा आये दिन चर्चे में रहता है. पिछले दिनों बीपीएससी के माध्यम से शिक्षकों की बहाली को लेकर अभ्यर्थियों का जमकर बवाल देखने के लिए मिला. हालांकि, तमाम गतिविधियों के बीच 1 लाख 70 हजार पदों के लिए परीक्षाएं हुई. इस बीच एक और तोहफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षक बनने का सपना देखने वाले अभ्यर्थियों को दिया है. दरअसल, राज्य में दूसरे चरण के तहत कुल 69,692 शिक्षकों की नियुक्ति होगी. बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली 2023 के तहत इन शिक्षकों की नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम के की जायेगी. 

नयी नियुक्ति में कक्षा 11-12 तक के अध्यापन के लिए शिक्षा विभाग के नियंत्रणाधीन विद्यालय अध्यापक के 11,830 पद हैं जबकि कक्षा 9 और 10 तक के अध्यापन के लिए विद्यालय अध्यापक के 18,880 पदों पर नियुक्ति होगी. इसी प्रकार से कक्षा छह से आठ तक के लिए अध्यापन के लिए कुल 31,982 पद होंगे. बता दें कि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी. कैबिनेट ने कुल 45 प्रस्तावों को स्वीकृति दी. नये पदों की स्वीकृति के बाद पंचायती राज और नगर निकायों के तहत पूर्व से उच्च माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और कक्षा छह-आठ तक के सृजित पदों को वापस करने की स्वीकृति दी गयी.

इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में लोकसभा से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों के लिए पिटारा खोल दिया है. दरअसल, बिहार कृषि सेवा कोटि-9 सेवा शर्त नियमावली 2023 के गठन की स्वीकृति दी गई है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर को 68 करोड़ 11 लाख 42000 सहायक अनुदान की स्वीकृति दी गई है .बिहार पुलिस में अनुबंध पर कार्यरत सैप जवानों के मासिक मानदेय में 15 फ़ीसदी की वृद्धि की गई है. जूनियर कमीशंड ऑफिसर का मानदेय 20700 से 28800 रू, सैप जवानों का मानदेय 17250 से 19800रू  एवं रसोईया का मानदेय 13110 से 15100 किया गया है.बिहार के न्यायालयों में चालक के 85 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. 

बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अंतर्गत पूर्व से स्वीकृत गोदाम चौकीदार के 16 पद एवं वित्तीय सलाहकार के एक पद को प्रत्यर्पित किया गया है. साथ ही कुल 10 पदों को सृजित किया गया है. ग्रामीण कार्य विभाग के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना की स्वीकृति दी गई है. राज्य आपदा रिस्पांस फोर्स बिहटा परिसर में स्थाई निर्माण के लिए 100 करोड रुपए की स्वीकृति बिहार आकस्मिकता निधि से दी गई है.