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तेज प्रताप यादव बोले- 'राम को लाने से पहले अपने अंदर के रावण को निकालें'

500 वर्षों का इंतजार आज जाकर खत्म हो गया है. राम मंदिर में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की. पूरे देश में लोगों के बीच गजब का उत्साह देखने के लिए मिल रहा है. जगह-जगह श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कई तरह की झाकियां निकलने वाली है. शाम होते-होते देशभर में दीवाली जैसा जश्न मनेगा. तो वहीं, ऐसे माहौल में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव व बिहार सरकार के मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिये तेज प्रताप यादव ने जमकर कटाक्ष किया. साथ ही साथ बड़ी सलाह भी दे दी है.

सोशल मीडिया के जरिये रखी अपनी बात

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावना का इजहार करते हुए लिखा कि, "राम तो सबके मन में हैं. अंधभक्त राम को लाने से पहले अपने अंदर के रावण को बाहर निकालें क्योंकि राम के लोग कभी भेदभाव नहीं करते. सबसे पहले महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बंद होना चाहिए और गरीबी और भूख जैसे रावण को कैसे खत्म करे इस पर विचार होना चाहिए. राम को लाना है तो अपने बुरे विचारों को बाहर निकालिए और देश को प्रेम सद्भाव और खुशहाली के रास्ते पर लेके चलिए. जय श्री राम." तेज प्रताप यादव का यह पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है. एक के बाद एक इस पोस्ट को लेकर प्रतिक्रियाएं आनी शुरु हो गई है.  

इससे पहले भी दिया था बयान

बता दें कि, यह पहली दफा नहीं है जब इस तरह का बयान मंत्री तेज प्रताप यादव की ओर से दिया गया है. बल्कि इससे पहले भी तेज प्रताप यादव ने कहा था कि, राम जी उनके सपने में आए थे ऐर कहा कि वह आयेंगे ही नहीं. दरअसल, एक संबोधन के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा था कि, 22 जनवरी को राम जी अयोध्या नहीं आयेंगे. राम जी मेरे सपने में आए थे. वो बोले हैं, 'ई सब ढोंग कर रहा है, हम उस दिन ऐबे नहीं करेंगे'. तेज प्रताप ने आगे कहा कि जब चुनाव आता है तो मंदिर आगे आ जाता है. चुनाव खत्म होते ही मंदिर को पूछा नहीं जाता. ये बातें उन्होंने अपने संगठन DSS के स्थापना दिवस समारोह में कही थी.'