पटना: बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और इस दौरान प्रतिदिन विपक्ष लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करता दिखता है। विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सदन में हंगामा भी करता है और सदन के बाहर भी सरकार को विफल बता रहा है। सदन के दौरान एक लंबे समय बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी सोमवार को विधानसभा पहुंचे थे। सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा। हालांकि तेजस्वी के बाद मीडिया से बात करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार अपना काम सही तरीके से कर रही है। अगर विपक्ष आरोप लगा रहा है तो उनसे पूछिए कि अब तक उन्होंने अपनी तरफ से सरकार को किन किन मुद्दों पर सलाह दी है। सिर्फ मीडिया में बोलने और सदन की कार्यवाही बाधित करना उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा था कि बिहार देश भर में सबसे फिसड्डी राज्य है। यहां के लोगों की आय सबसे कम है, बिहार में सबसे अधिक बरोजगारी है, न निवेश है न शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्था, और न ही कोई इन्वेस्टमेंट हैं। पिछले 20-21 वर्षों से बिहार में NDA की सरकार है और इन वर्षों में बिहार और भी पीछे गया है। कानून व्यवस्था इतनी खराब है कि लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं।
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मीडिया से बात करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में विकास नहीं हुआ या लॉ एंड ऑर्डर खराब है यह उन्हें कैसे पता चला। वे तो पटना से निकलते हैं और दिल्ली जाते हैं फिर वहां से विदेश चले जाते हैं। अगर उन्हें बिहार में विकास और लॉ एंड ऑर्डर व्यवस्था देखना है तो उन्हें बिहार का भ्रमण करना चाहिए। जब वे जाते ही नहीं हैं तो उन्हें पता कैसे चलेगा कि बिहार की स्थिति क्या है। सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष को बिहार का भ्रमण करना चाहिए, उन्हें सब पता चल जायेगा। वे लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठाते हैं लेकिन कार्रवाई हो रही है यह नहीं देख रहे हैं। उन्हें तो सबकुछ देखना चाहिए था न, बिहार में नेता प्रतिपक्ष हैं तो अपनी जिम्मेदारी निभाएं और बिहार के विकास में अपना योगदान दें लेकिन उन्हें इन सबसे कोई मतलब ही नहीं है।
इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संबंध में एक बयान को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि एक केंद्र में नेता प्रतिपक्ष और दूसरा बिहार में नेता प्रतिपक्ष दोनों ही अपरिपक्व हैं। इनलोगों ने जिम्मेवारी बड़ी ले ली है लेकिन इनके अंदर परिपक्वता है ही नहीं। इन लोगों को पता ही नहीं है कि काम कैसे और क्या करना है लेकिन ये सरकार पर सवाल जरुर उठाते हैं। उन्होंने शराबबंदी की समीक्षा की मांग को लेकर भी कहा कि यह कई बार की जा चुकी है और आगे भी होगी। अगर कोई सोचते हैं कि शराबबंदी खत्म हो जाएगी तो यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अटल निर्णय है और यह कभी नहीं खत्म हो सकता है।
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