बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव में NDA ने जीत का परचम लहराया जबकि तेजस्वी की पार्टी राजद की सहयोगी कांग्रेस और अपने एक विधायक ने भी धोखा दे दिया और मतदान के लिए नहीं पहुंचे। महागठबंधन के चारों विधायकों का तेजस्वी यादव 3 बजे तक विधानसभा में इंतजार करते रहे लेकिन मतदान खत्म होने तक सभी चार विधायक गायब रहे। शाम पांच बजे शुरू हुई मतगणना में NDA के चार उम्मीदवारों ने तो पहली वरीयता में ही जीत दर्ज कर ली जबकि भाजपा के एक उम्मीदवार शिवेश राम ने द्वितीय वरीयता में जीत दर्ज की। राज्यसभा चुनाव में हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला और अंतिम साँस तक लड़ने की बात कही।
चुनाव परिणाम आने के बाद मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें पता था कि महागठबंधन के पास 35 सदस्य के साथ 6 कम वोट थे जबकि NDA के पास 3 कम वोट थे, बावजूद इसके हमने लड़ना पसंद किया न कि उनके सामने नाक रगड़ना या झुकना। उनकी विचारधारा के खिलाफ हम हमेशा लड़ेंगे। आज जो चार लोग अनुपस्थित हुए हैं उस पर हम बाद में अपनी प्रतिक्रिया देंगे। कुछ लोग जिन्होंने धोखा न दिया होता तो आज हमारी जीत तय थी क्योंकि हमने 6 की संख्या पूरी कर ली थी। AIMIM के पांच और BSP के एक सदस्य ने हमें समर्थन दिया। अगर कोई अनुपस्थित होता है तो उसका कारण आप सबको पता है।
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तेजस्वी ने कहा कि सब जानते हैं कि भाजपा का चाल चलन कैसा है। ये लोग धन तंत्र, मशीन तंत्र, प्रशासन का दुरूपयोग करती रही है। केवल बिहार ही नहीं कई अन्य राज्यों में भी इस तरह की बातें सामने आई है। तेजस्वी ने अपने एक विधायक पर कार्रवाई के सवाल पर कहा कि इस पर हमलोग बाद में निर्णय लेंगे कि क्या करना है। वहीं उन्होंने विधायकों के खरीद फरोख्त के सवाल पर कहा कि आपलोग खुद समझदार हैं, इसमें हम क्या ही कहेंगे।
इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि भाजपा ने पूरा तंत्र मन्त्र और सत्ता का दुरूपयोग कर साजिश कर, किसी को डरा कर खरीद कर राजनीति की परंपरा शुरू की है उसका अंत जरुर होगा। जब रावण के पाप का घरा फूट गया तो समझ लीजिये कि भाजपा का भी एक दिन अंत जरुर होगा।
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