बिहार विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को तीसरा दिन राज्य की राजनीति और विकास एजेंडे के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सत्र की शुरुआत प्रश्नोत्तर काल से होगी, जहां विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर मंत्रियों से जवाब मांगेंगे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी बात रखेंगे, जिससे सदन में सियासी बहस तेज होने के आसार हैं।
लंच ब्रेक के बाद बिहार बजट 2026-27 पर विस्तृत चर्चा होगी। सरकार की प्राथमिकताओं, नई घोषणाओं और खर्च की दिशा पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आ सकते हैं। इसके साथ ही NEET छात्रा की मौत के मामले को लेकर भी सदन में हंगामे की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।सत्र के दूसरे दिन नीतीश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया था। इस बार कुल 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक है। बजट में बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने बिहार में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाने और सभी सिंगल लेन सड़कों को डबल लेन में तब्दील करने की घोषणा की है।
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कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए नीतीश सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना की राशि डेढ़ गुना बढ़ा दी है। साथ ही ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत किसानों को सालाना 3000 रुपये दिए जाएंगे। यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि के साथ डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजी जाएगी।
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वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने बजट पेश करते हुए कहा कि बीते वर्षों में बजट का आकार लगातार बढ़ा है और राज्य ‘ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान’ के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ की भावना के साथ विकास को गति देना है। उन्होंने बताया कि 2025-26 में बिहार की आर्थिक वृद्धि दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कुल मिलाकर, आज का दिन बजट पर गंभीर चर्चा और राजनीतिक टकराव दोनों के लिहाज से अहम रहने वाला है।