मुजफ्फरपुर: बिहार में सरकार भ्रष्टाचार को लेकर लगातार आक्रामक रुख अख्तियार कर रही है और इसी कड़ी में विशेष निगरानी इकाई की टीम ने लगातार तीसरे दिन मुजफ्फरपुर में बड़ी कार्रवाई की है। पहले प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी, उसके अगले दिन दारोगा और अब एक कनीय अभियंता निगरानी के हत्थे चढ़ गए हैं। लगातार तीन दिनों में चार सरकारी कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद जिले के सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
विशेष निगरानी इकाई की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार राजकुमार तिवारी नाम के एक व्यक्ति ने साहिबगंज में पदस्थापित कनीय अभियंता अमन कुमार पर पेपर ब्लॉक लगाने के कार्य दिलाने के एवज में 25 हजार रूपये के रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर निगरानी के डीएसपी राज कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर जाल बिछाया गया और टीम ने गुरुवार को कनीय अभियंता को 9 हजार रूपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कनीय अभियंता की गिरफ्तारी के बाद जिले के सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया।
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फ़िलहाल निगरानी की टीम गिरफ्तार JE से पूछताछ में जुट गई है साथ ही उनके विरुद्ध एक मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। जल्द ही उन्हें विशेष निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां से उन्हें जेल भेजा जा सकता है। बता दें कि मुजफ्फरपुर में लगातार तीसरे दिन निगरानी की टीम ने कार्रवाई की है। एक तरफ मंगलवार को जहां विशेष निगरानी की टीम ने छापेमारी कर प्रभारी कृषि पदाधिकारी और उनके चालक को घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था तो दूसरी तरफ मुजफ्फरपुर नगर थाना के एक दारोगा को बुधवार को गिरफ्तार किया था और अब तीसरे दिन एक JE विशेष निगरानी इकाई की टीम के हत्थे चढ़ गए।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट