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IAS दीपक रावत पर क्यों भड़के सीएम पुष्कर सिंह धामी, पता चल गया Youtube की कमाई?

कभी सरकारी दफ्तर में छापेमाड़ी करते हुए तो कभी गलतियों पर कर्मचारियों को फटकार...एक IAS को अलग-अलग अंदाज में आपने भी सोशल मीडिया पर देखा होगा. दिमाग में नाम के भी कुछ ऑप्शन आए होंगे, सबसे पहले ऑप्शन दीपर रावत तो नहीं. बिल्कुल हम उन्हीं की बात कर रहे हैं. 

अगर आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं तो आपने आईएएस दीपक रावत का वायरल वीडियो जरूर देखा होगा. इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. वह अक्सर अपने फील्ड विजिट के वीडियो पोस्ट करते रहते हैं. वह अपने सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं. अब उनका एक और वीडियो वायरल हो रहा है. क्या है उस वीडियो में, आइए हम आपको विस्तार से बताते हैं.

फेसबुक हो या इंस्टाग्राम या फिर यूट्यूब...हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उत्तराखंड कैडर के IAS दीपक रावत वायरल हैं. ड्यूटी में कोताही के साथ बेइमानी करने वाले सरकारी कर्मचारियों, अफसरों को रौब से टाइट करने के लिए दीपक रावत अक्सर चर्चा में रहते हैं. लेकिन इन दिनों सूर्खियां बनने की वजह कुछ और है. औरों की क्लास लगाने वाले दीपक रावत को सरेआम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐसा समझाया की वीडियो वायरल हो गया. 

अब यह जान लेते हैं कि आखिर दीपक रावत हैं कौन?

दिपक रावत 2007 बैच के IAS अफसर हैं लेकिन उनकी पहचान जिलों तक सीमित रहने वाले IAS अफसरों की तर्ज पर नहीं है. रुआब कुछ उतना ही जैसा आपने फिल्म शादी में जरूर आना में देखा होगा. कई बार तो ऐसे रुतबे को भी असल लाइफ में टक्कर दे देते हैं कुमाउं उत्तराखंड के कमिश्नर दीपक रावत. 

30 अक्टूबर 2017 को दीपक रावत ने यूट्यूब चैनल बनाया था. फिलहाल 4.26 मीलियन यानि 42 लाख 60 हजार के आस-पास सब्सक्राइबर्स हैं. फेसबुक पर 2.5 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स के साथ इंस्टाग्राम पर हजारों फॉलोअर्स हैं. 

दीपक रावत के वो वीडियोज ज्यादा देखें जाते हैं जब वो औचक निरीक्षण या कहें ग्राउंड वीजिट्स पर पहुंचते हैं. इससे पहले वो अपने करियर में हरिद्वार डीएम और नैनीताल डीएम और कुमाउं मंडल विकास निगम के एमडी भी रहें. लेकिन यहां तक पहुंचने का सफर भी दिलचस्प रहा है.  

मसूरी में जन्मे दीपक रावत की पढ़ाई यहीं से शुरू हुई....हम सभी से अक्सर एक सवाल होता था कि बड़े होकर क्या बनना है.....दीपक रावत से भी यही सवाल पूछा गया. उन्होंने जवाब दिया कबाड़ी वाला.....इन सवालों जवाबों के बीच जिंदगी आगे बढ़ती रही....ग्रेजुएशन में उन्होंने टॉप किया. ख्वाब भी दुरूस्त होने लगे थे. दिल्ली यूनिवर्सिटी हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएट हुए. फिर जेएनयू से एम.फील किया. जेआरएफ चुने गए तो 8 हजार रूपए स्टाइपेंड मिलने लगा.  UPSC की तैयारी साथ-साथ चल रही थी. दो बार असफलता हाथ लगी लेकिन 2007 में सफल हो गए. सीविल सर्विसेज एग्जाम में 12वीं रैंक आई थी. IAS बनें और यात्रा शुरू हो गई. 

बाकी दीपक रावत यूट्यूब से कितना कमाते हैं यह भी आप इस वीडियो में जरूर जानेंगे. लेकिन फिलहाल हम आपको यह बताने वाले हैं कि दीपक रावत और पुष्कर सिंह धामी वाले वीडियो में माजरा क्या था. 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की एक बैठक का वीडियो वायरल है. इसमें पुष्कर सिंह धामी ने दीपक रावत को सख्त लहजे में समझाया है. दरअसल, सीएम धामी सड़कों पर गड्ढ़ों को लेकर नाराज थे. अफसरों से इस पर सवाल पूछ रहे थे. जवाबों से वो संतुष्ट नहीं हुए तो सीएम उखड़ कर अफसरों से अपनी बात कहते हैं. बगल में बैठे IAS दीपक रावत से उन्होंने कहा.......यह क्या हो रहा है दीपक....आप इसको देखिए....दोबारा यह अखबार में आया तो अच्छा नहीं होगा. मुझे ठीक नहीं  लगेगा की किकी के खिलाफ कुछ लिखूं या कहूं. ऐसी नौबत नहीं आनी चाहिए कमिश्नर साहब....आप इसे सुनिश्चित कराइए. 

इस वीडियो में व्यवस्थाओं की मुस्तैदी पर क्लास लगाने वाले दीपक रावत के हिस्से में चुंकी डांट आई थी तो मामला खूब वायरल हुआ. लोगों ने सोशल मीडिया पर बहुत कुछ लिखा. 

अब आखिर में बात यूट्यूब से दीपक रावत की कमाई की............जैसा कि आपको पता ही है एक वेबसाइट है सोशल ब्लेड जो कमाई का एक अनुमान बताती है. यह अनुमान तब सटीक है जब गूगल ऐडसेंस ऑन हो, सारी शर्तें पूरी की जा रहीं हों. 

वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक सालाना कमाई 8800 डॉलर से एक लाख 40 हजार 400 डॉलर तक अनुमानित है. मौजूदा वक्त में डॉलर की कीमत से कैल्कुलेट किया जाए तो 7 लाख 34 हजार से 1 करोड़ 17 लाख 11 हजार 276 रुपए के आस-पास. यह डाटा कितना सटिक है यह वेबसाइट वाले और यूट्य़ूब वाले जिनकी कमाई का इतना दावा हो रहा है वही बता सकते हैं.