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उत्तरकाशी टनल से बचाए गए 15 मजदूरों के लिए एक करोड़ की योजनाएं, सीएम हेमंत बोले-खुद करूंगा मॉनिटरिंग

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शुक्रवार को रांची के कांके रोड स्थित सीएम आवास में उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल हादसे से सुरक्षित रेस्क्यू किए गए राज्य के 15 श्रमिकों और उनके परिजनों ने मुलाकात की. मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य के श्रमिकों और उनके परिजनों को ऋषिकेश एम्स से एयरलिफ्ट कराकर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची लाया गया. 

रांची आने वाले श्रमिकों में विश्वजीत कुमार वर्मा (गिरिडीह), सुबोध कुमार वर्मा (गिरिडीह), अनिल बेदिया (रांची), राजेंद्र वेदिया (रांची), सुकराम बेदिया (रांची), टिंकू सरदार (पूर्वी सिंहभूम), गुणधार नायक (पूर्वी सिंहभूम), रंजीत लोहार (पूर्वी सिंहभूम), रविंद्र नायक (पूर्वी सिंहभूम), समीर नायक (पूर्वी सिंहभूम), भुक्तु मुर्मू (पूर्वी सिंहभूम), महादेव नायक (पश्चिमी सिंहभूम), चमरा उरांव (खूंटी), विजय होरो (खूंटी), गणपति होरो (खूंटी) शामिल हैं.

सीएम ने श्रमिकों के साहस, धैर्य और बहादुरी की भी सराहना की

मुख्यमंत्री ने सभी श्रमिकों से कहा कि राज्य सरकार उनके साथ है. हेमंत सोरेन ने उन्हें बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार जल्द ही देश के लगभग एक दर्जन राज्यों से एक इकरारनामा करने हेतु उन्हें प्रस्ताव भेजेगी. इस इकरारनामा के तहत प्रवासी मजदूरों को झरखांड सरकार हरसंभव मदद कर सकेगी. 

मुख्यमंत्री हमेंत सोरेन ने कहा, 'जब आप श्रमिक भाइयों के टनल हादसे में फंसने की सूचना मिली तब आपके परिजनों के साथ-साथ पूरे राज्य वासियों के लिए वह काफी चिंतित करने वाला और डरावना समय रहा. हम सभी आपके सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे थे. राज्य सरकार ने आपके सकुशल घर वापसी के लिए अधिकारियों की टीम उत्तराखंड भेजी थी.' उन्होंने श्रमिकों के साहस, धैर्य और बहादुरी की भी सराहना की.

श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी 15 श्रमिकों को 1 करोड़ 11 लाख रुपए से अधिक राशि की विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिया. श्रमिकों को अबुआ आवास योजना, पेंशन योजना, आयुष्मान कार्ड, कृषि यंत्र, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, पशुशेड योजना, ग्राम गाड़ी योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि मैं स्वयं आपके रोजगार और योजनाओं की मॉनिटरिंग करूंगा.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उत्तराखंड टनल हादसे में फंसे सभी श्रमिक सकुशल अपने राज्य एवं घर वापस आ गए हैं, यह आपके परिवारजनों के साथ-साथ पूरे राज्यवासियों के लिए खुशी की बात है. मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी श्रमिकों को अंग वस्त्र और शॉल भेंटकर अपनी ओर से शुभकामनाएं दीं. बता दें कि गत 12 नवंबर की सुबह उत्तराखंड के निर्माधीन सिलक्यारा टनल का एक हिस्सा गिरने से 41 श्रमिक अगले 17 दिनों तक अंदर ही फंसे रहे, जिन्हें रेस्क्यू टीमों द्वारा बड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया.