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Ram Mandir को लेकर बेहद खास जानकारी आई सामने, हर साल 5 करोड़ टूरिस्ट आने की संभावना

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर में भव्य तरीके से प्रभु श्रीराम के बाल स्वरुप मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की. पूरे देश में शाम होते-होते दीवाली मनाई गई. वहीं, इन तमाम गतिविधियों के बीच राम मंदिर को लेकर एक बड़ा ही चौंकाने वाले संभावनाएं जताए जा रहे हैं. दरअसल, एक अनुमान के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से शहर में प्रति वर्ष कम-से-कम 5 करोड़ पर्यटकों के आने की संभावना है. यह संख्या स्वर्ण मंदिर और तिरूपति मंदिर में जाने वाले श्रद्धालुओं से कहीं अधिक है. ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अपनी एक रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि, हवाई अड्डे जैसे बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर खर्च करने से उत्तर प्रदेश का यह शहर एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो जाएगा.

क्या कुछ रिपोर्ट आई सामने

रिपोर्ट के मुताबिक एक नए हवाई अड्डे, विस्तारित रेलवे स्टेशन, आवासीय योजनाओं और बेहतर सड़क संपर्क के साथ नए होटलों और अन्य आर्थिक गतिविधियों के चलते यहां प्रति वर्ष पांच करोड़ से अधिक पर्यटक आ सकते हैं. एक अनुमान के मुताबिक, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में प्रति वर्ष 3 से 3.5 करोड़ लोग आते हैं, जबकि तिरूपति मंदिर में 2.5 से 3 करोड़ लोग आते हैं. विश्व स्तर पर, वेटिकन सिटी में हर साल लगभग 90 लाख पर्यटक आते हैं और सऊदी अरब के मक्का में लगभग दो करोड़ पर्यटक आते हैं. जेफरीज के अनुसार, धार्मिक पर्यटन अभी भी भारत में पर्यटन का सबसे बड़ा सेगमेंट है. कई लोकप्रिय धार्मिक केंद्र बुनियादी ढांचे की बाधाओं के बावजूद हर साल 1 से 3 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. इसलिए, बेहतर संपर्क और बुनियादी ढांचे के साथ एक नए धार्मिक पर्यटन केंद्र यानि कि अयोध्या का निर्माण एक बड़ा आर्थिक प्रभाव पैदा कर सकता है.

10 लाख यात्रियों को संभाल सकता है हवाई अड्डा

रिपोर्ट में कहा गया कि, पर्यटन ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान जीडीपी में 194 अरब डॉलर का योगदान दिया और वित्त वर्ष 2032-33 तक इसके आठ प्रतिशत की दर से बढ़कर 443 अरब डॉलर होने की उम्मीद है. रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या में नए हवाई अड्डे का चरण -1 चालू हो गया है और यह 10 लाख यात्रियों को संभाल सकता है. रेलवे स्टेशन को प्रतिदिन 60,000 यात्रियों को संभालने के लिए विस्तारित किया गया है. 

अब हम आपको राम मंदिर के बनने वाले सभी फ्लोर की जानकारियों दे देते हैं.... दरअसल, प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट रहेगी. नागर शैली में बन रहे राम मंदिर में उत्तर और दक्षिण भारत की झलक दिखेगी. पूरे मंदिर में कुल 392 खम्भे और 44 द्वार होंगे.

भूतल में बनाया गया गर्भगृह

भूतल में गर्भगृह बनाया गया है, जहां प्रभु श्रीराम के बाल रूप यानी श्रीरामलला विराजमान किया गया. राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर की लंबाई (पूर्व से पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट रहेगी.  ट्रस्ट के मुताबिक ग्राउंड फ्लोर में 160 खंभे बनाये गए हैं, जिसपर मंदिर का छत टिका है. मंदिर निर्माण के पहले फेज में ग्राउंड फ्लोर पर गर्भगृह समेत 5 मंडप बनाए गए हैं. नृत्य मंडप, रंग मंडप, गूढ़ मंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप. पहले फेज में ही, मंदिर का प्रवेश द्वार 'सिंह द्वार' का निर्माण किया गया है. मंदिर के भूतल में ही मंदिर के चारों तरफ परकोटा बनाया गया है. इनमें भगवान सूर्य, शंकर, गणपति और देवी भगवती के मंदिर हैं. परकोटे की दक्षिणी भुजा में हनुमान जी एवं उत्तरी भुजा में अन्नपूर्णा माता का मंदिर बनाया गया है.

फर्स्ट फ्लोर की जानकारी

अब बात करेंगे फर्स्ट फ्लोर की,, राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक मंदिर के प्रथम तल पर 132 खंभों का निर्माण किया जाएगा, यानी भूतल से प्रथम तल में खंभों की संख्या घट जाएगी.  प्रथम तल पर गर्भगृह के ठीक ऊपर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का दरबार होगा. यहीं पर सिंहासन लगाया जाएगा, जिसपर माता जानकी और भाई लक्ष्मण के साथ भगवान श्रीराम राजा के रूप में विराजेंगे. यहां वीर हनुमान भी बैठे नजर आएंगे. मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार के अलावा अन्य मंदिर भी रहेंगे. मंदिर के प्रथम तल पर चारों तरफ बालकनी होगी, जहां से श्रद्धालु अयोध्या की छटा निहार सकेंगे.

दूसरे फ्लोर की जानकारी

वहीं, दूसरे फ्लोर की बात करें तो, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार मंदिर का निर्माण कार्य तीन फेज में बांटा गया है. पहले फेज का निर्माण पूरा होते ही दूसरे फेज का निर्माण शुरू होगा. दूसरे फ्लोर का काम पूरा होने का बाद तीसरे फ्लोर पर काम शुरू होगा. डॉ. अनिल मिश्र के तीसरे फ्लोर पर श्रद्धालु नहीं जा सकेंगे. इस फ्लोर पर मंदिर के करीब वाला सिर्फ मंडप बना होगा. राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट के मुताबिक तीसरे तल पर मात्र 74 खंभे बनेंगे, जिसपर सबसे उंचे मंडप का शिखर टिका होगा.  फिलहाल मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान लकड़ी की डिजाइन के सहारे ऊपरी तौर पर मंदिर का पूरा रूप दिया गया है.