पटना: बिहार में विधानसभा का बजट सत्र अभी जारी है और सोमवार को सत्ता पक्ष के एक विधायक ने सरकार से ऐसी मांग कर दी जिसका विपक्ष ने भी समर्थन किया। इस मांग को लेकर जब वित्त मंत्री ने शर्तिया आश्वासन दिया तो फिर पक्ष और विपक्ष एकसाथ हो कर हंगामा करने लगे। मतलब विधानसभा में सरकार को अपने ही विधायक ने घेर लिया जिसका समर्थन विपक्ष ने भी किया और फिर जम कर हंगामा हुआ। हालांकि शोर शराबे को शांत करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात करने की बात कही लेकिन विधायक हंगामा खत्म करने के लिए तैयार नहीं हुए।
छोटे राज्यों में है तो बिहार में क्यों नहीं जबकि...
दरअसल सोमवार को सत्र के दौरान बोलते हुए भाजपा के विधायक प्रमोद कुमार ने अन्य राज्यों का हवाला देते हुए कहा कि हमलोगों को प्रतिवर्ष एक करोड़ रूपये का फंड मिलता है जिसमें जीएसटी, TDS समेत अन्य टैक्स के रूप में करीब 25 से 30 प्रतिशत रूपये वापस सरकार के खजाने में चला जाता है और हमलोगों के पास पैसे बचते ही नहीं हैं कि हम क्षेत्र में किसी योजना की घोषणा कर सकें। बिहार से छोटे राज्यों में भी विधायक फंड हमारे राज्य से अधिक है जबकि हम उनसे बड़े राज्य हैं, हमारा विकास दर काफी तेज है, हमारे बजट का आकार भी बड़ा है फिर विधायकों के फंड में बढ़ोतरी क्यों नहीं किया जा सकता है।
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हम साड़ी बांटने वाले नहीं बल्कि...
विधायक प्रमोद कुमार के भाजपा के ही एक अन्य विधायक नीरज कुमार बबलू ने कहा कि निश्चित रूप से यह एक जायज मांग है। राज्य की सरकार बिहार का विकास कर रही है, अगर हमलोगों के फंड की भी बढ़ोतरी की जाती है तो हमलोग अपने क्षेत्र का विकास करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमलोग कोई साड़ी बांटने वालों में से नहीं हैं बल्कि हमें जो पैसे मिलेंगे उससे हम क्षेत्र का विकास करेंगे जो कि राज्य के विकास का ही एक भाग होगा।
डिप्टी सीएम ने हंगामा रोकने की कोशिश की लेकिन नाकाम
विधायकों की मांग पर वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने जवाब दिया कि जब सांसदों का फंड बढ़ जायेगा तब बिहार में भी हमलोग फंड बढ़ा देंगे। बस फिर क्या था पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने शोर करना शुरू कर दिया। शोर को रोकने के लिए फिर उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री के संज्ञान में बात रखने और इस पर विचार करने की बात कही लेकिन फिर भी दोनों पक्ष के विधायक हंगामा करते ही रहे।
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