गया जी: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा लगातार माफियाओं और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते हैं साथ ही वे लोगों की समस्याएँ सीधे सुन कर उसका ऑन द स्पॉट निवारण भी कर रहे हैं। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा अधिकारियों पर सबसे अधिक हमलावर होते हैं और उनके इस तेवर की भेंट अब तक कई अधिकारी चढ़ चुके हैं। एक बार फिर ऐसा कुछ देखने के लिए मिला गया जी में जहां जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने मंच से ही एक अंचलाधिकारी (CO) को निलंबित करने का आदेश दे दिया। इस दौरान उन्होंने मंच के आगे हंगामा करने की कोशिश कर रहे एक युवक को भी सुरक्षाकर्मियों को कह कर बाहर करवा दिया।
दरअसल डिप्टी सीएम विजय सिन्हा बुधवार को गया जी में जनसमस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान शेरघाटी के रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत सुन रहे थे। उसने उन्हें अपनी समस्या बताते हुए आमस के सीओ पर 25 हजार रूपये घूस लेने का आरोप लगाया साथ ही आमस के एक व्यक्ति के ऊपर गलत कागजात के बल पर जमीन कब्ज़ा करने और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया। शिकायत के दौरान उक्त आरोपी व्यक्ति का बेटा मंच के नीचे से जोर से बोलने लगा और डिप्टी सीएम से मंच पर आने की अनुमति मांगी लेकिन उसकी तेज आवाज सुन डिप्टी सीएम ने उसे कार्यक्रम से ही बाहर करवा दिया जबकि आमस के सीओ को मंच से ही निलंबित करने का आदेश दे दिया।
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इस दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि मैं कोई भौकाल बनाने की कोशिश नहीं कर रहा हूँ बल्कि आज की समस्या को आज ही खत्म करना मेरा मकसद है। अगर आज की समस्या को कल पर टालने लगेंगे तो एक दिन अंबार लग जायेगा और अगर आज की समस्या आज ही खत्म कर देंगे तो आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ बेहतर दे कर जायेंगे। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बिहार में माफियाओं का खौफ होता था, दिनदहाड़े गोलियां चलती थी लेकिन आज माफिया मुंह छुपाये घूमते हैं। आज माफिया की जानकारी देने वाले को सरकार इनाम दे रही है। उन्होंने कहा कि मेरी कार्रवाई का मकसद किसी को डराना नहीं बल्कि जनसरोकार को लोगों से जोड़ना है। आपलोग भी किसी माफिया से जमीन मत खरीदिएगा, पूरी जांच पड़ताल के बाद ही जमीन खरीदें ताकि आने वाले दिनों में समस्या न हो।
डिप्टी सीएम ने कहा कि अक्सर आप देखते हैं कि किसी बीमारी को देख कर डॉक्टर समझ जाते हैं कि कौन सी दवा कितनी देना चाहिए, तो मैं भी एक प्रकार का डॉक्टर ही हूँ जो समस्या देख कर उसका इलाज करता हूँ। बता दें कि डिप्टी सीएम के इस तरह की कार्रवाई की वजह से राजस्व सेवा संघ ने मुख्यमंत्री से उनकी शिकायत भी की थी और कहा था कि वे अफसरों को अपमानित कर रहे हैं। बावजूद इसके विजय सिन्हा की ऑन द स्पॉट कार्रवाई में कमी नहीं आयी है और वे लगातार अधिकारियों को जनता का काम समय से करने या फिर बाहर जाने की बात कहते दिखते हैं।
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