Join Us On WhatsApp

पटना में जल्द ही शुरू होगी वाटर मेट्रो, चार्जिंग पॉइंट निर्माण कार्य शुरू...

गंगा पर दौड़ेगी वाटर मेट्रो, पटना में चार्जिंग प्वाइंट बनाने का काम शुरू। पटना में जल्द शुरू होगा वाटर मेट्रो सफर, गांधी घाट पर तैयार हो रहा चार्जिंग प्वाइंट। राजधानी वासियों को जल्द मिलेगी वाटर मेट्रो की सौगात

water metro
पटना में जल्द ही शुरू होगी वाटर मेट्रो, चार्जिंग पॉइंट निर्माण कार्य शुरू...- फोटो : Darsh NEWS

पटना: पटना वालों को जल्द ही वाटर मेट्रो की सौगात मिल सकती है। इसके लिए कई जगहों पर चार्जिंग पॉइंट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। ताकि इनकी मदद से वाटर मेट्रो के इंजन को परिचालन के दौरान चार्ज किया जा सके। पटना के गांधी घाट पर इस चार्जिंग पॉइंट का फिलहाल निर्माण शुरू हो किया गया है।  इसके बाद कंगन घाट और दीघा घाट पर भी यह चार्जिंग प्वाइंट का निर्माण शुरू किया जाएगा। वाटर मेट्रो का यह सफर 10.5 किमी लंबा होगा। प्रथम चरण में गांधी घाट और गायघाट पर मुख्य पड़ाव होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में हाजीपुर, सोनपुर में भी वाटर मेट्रो चलाने की योजना है।

10.5 किलोमीटर लंबा होगा पटना वाटर मेट्रो का रूट

पटना वाटर मेट्रो का पहला रूट दीघा घाट और कंगन घाट के बीच 10.5 किलोमीटर लंबा होगा। वाटर मेट्रो का यह सफर कंगन घाट से शुरू होकर  गायघाट होते हुए गांधी घाट, दीघा घाट, फरक्का महतो घाट, नारियल घाट, पानापुर, कोंहरा घाट, कलि घाट (सोनपुर) और छेछर घाटों तक पहुंचेगा। पर्यटन विकास निगम लिमिटेड से मिली जानकारी के अनुसार, भविष्य में योजनाओं को 10 टर्मिनल के साथ 4 रूट तक विस्तार किया जायेगा। इससे पटना और उसके आस-पास के जिलों (वैशाली, छपरा) के प्रमुख हिस्सों से संपर्क स्थापित होगा। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा) को मजबूत करेगा और पटना वासियों को सस्ती और वैकल्पिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

यह भी पढ़ें   -      निशांत कुमार ने जिलाध्यक्षों के साथ की बैठक, संजय झा ने बताया 'क्या है आगे का प्लान...'

12 करोड़ रुपये से अधिक है बोट की कीमत

पटना वाटर मेट्रो के लिए जिस बोट का इस्तेमाल किया जायेगा उसका नाम “एमवी-गोमधर कुंवर” है। इस बोट की कीमत 12 करोड़ रुपए से अधिक है। पूरे पटना वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत लगभग 908 करोड़ रुपए से है। यह प्रोजेक्ट इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईडबल्यूएआई) और बिहार सरकार का एक संयुक्त प्रयास है। इसमें कोचीन जहाज निर्माण स्थल के इंजीनियरों से तकनीकी मदद ली जा रही है।

पर्यटकों के लिए दो पर्यावरण अनुकूल वाटर मेट्रो हाइब्रिड मोड में चलाई जाएंगी। यह इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मोड में काम करेंगे। आपातकालीन स्थिति के लिए 3-4 रेस्क्यू बोट रहेंगी। इन जहाजों में नई तकनीक की बैट्री का इस्तेमाल किया जायेगा। बैकअप के लिए बोट में जेनरेटर की व्यवस्था होगी। गर्मी के दिनों में यात्रा का आनंद लेने में परेशानी ना हो इसके लिए हर बोट को एसी युक्त बनाया जा रहा है। वाटर मेट्रो में कांच की बड़ी खिड़कियां हैं। बोट को ऑटोमेटिक बोट लोकेशन सिस्टम से लैस किया गया है, जिससे इसकी निगरानी होगी। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बोट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बोट को इस तरीके से तैयार किया जा रहा है जिससे हाई स्पीड में भी कम लहरें पैदा होंगी। इससे छोटी नाव में सवारी कर रहे लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी।

यह भी पढ़ें   -      CM की कुर्सी ही नहीं आवास भी छोड़ेंगे नीतीश कुमार, जानें कहाँ होगा नया ठिकाना...


Scan and join

darsh news whats app qr
Join Us On WhatsApp