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तेजस्वी यादव को लेकर क्या होगा राऊज एवेन्यू कोर्ट में फैसला, आज की सुनवाई पर टिकी निगाहें

लैंड फॉर जॉब्स स्कैम मामले में बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर सीबीआई के द्वारा चार्जशीट दायर की गई थी. जिसको लेकर आज दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई होगी. हालांकि, कल ही यानी कि गुरुवार को ही इस मामले में सुनवाई होनी थी लेकिन किसी कारणवश सुनवाई को टाल दी गई. वहीं, आज इस मामले में सुनवाई होने वाली है. जिसको लेकर सभी की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है. बता दें कि, गुरुवार को CBI ने कोर्ट को बताया कि तीन रेल अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की इजाजत गृह मंत्रालय से मिल गई है.

CBI के वकील ने दिया था बयान 

CBI के वकील ने कहा था कि, मामले में बाकी तीन अधिकरियों के खिलाफ सेक्शन एक हफ्ते में मिल जाएगा. 3 जुलाई को सीबीआई ने लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में नई चार्जशीट दाखिल की थी. अगर तीन आरोपी अधिकारियों के खिलाफ गृह मंत्रालय की मंजूरी मिल गई तो आज पूरी संभावना है कि कोर्ट तेजस्वी यादव को आरोपी के तौर पर समन जारी कर सकती है. 

क्या तेजस्वी यादव को लेनी पड़ेगी जमानत ?

बता दें कि, इस मामले को लेकर लगातार ऐसा माना जा रहा कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साथ-साथ 17 लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती है. पिछली सुनवाई में CBI के वकील ने कोर्ट को बताया कि, मामले में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गृह मंत्रालय से इजाजत मिल गई है. अब ऐसे में आज होने वाली सुनवाई के दौरान तेजस्वी यादव और लालू यादव के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावे रेल अधिकारी मनदीप कपूर, मनोज पांडे, डॉ. पीएल बंकर के खिलाफ केस चलाने की इजाजत मिली है. आज कोर्ट CBI की ओर से दायर चार्जशीट को एक्सेप्ट कर लेती है और तेजस्वी के खिलाफ FIR चलाने की अनुमति देती है तो तेजस्वी यादव को तत्काल जमानत लेनी होगी.

जमानत पर हैं लालू-राबड़ी-मीसा 

बता दें कि, लैंड फॉर जॉब्स मामले में ये पूरी तरह से नया केस है. पुराने केस में पहले ही राजद सुप्रीमो लालू यादव, पूर्व CM राबड़ी देवी, बेटी और सांसद मीसा भारती जमानत पर हैं. नए केस में भी तेजस्वी के साथ साथ लालू और राबड़ी को आरोपी बनाया गया है. CBI ने 3 जुलाई को ही तेजस्वी यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. वहीं, अब सवाल उठता है कि, गृह मंत्रालय की मंजूरी क्यों जरूरी है ? दरअसल, CBI के मुताबिक उनकी तरफ से लालू यादव के अलावा रेलवे के 3 अधिकारियों के खिलाफ भी केस चलाने की अनुमति मांगी थी, जो मिल गई है. बता दें कि, लैंड फॉर जॉब्स का मामला तब का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे. इसलिए गृह मंत्रालय से अनुमति लेना जरूरी था.