पूर्वी चंपारण: विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग सोमवार की देर शाम पूर्वी चंपारण की सीमा में प्रवेश कर गया है। करीब 210 टन वजनी विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडू से 96 चक्के के ट्रक पर लोड कर पूर्वी चंपारण के कैथवलिया प्रखंड में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर के लिए लाया जा रहा है जो आज पूर्वी चंपारण में प्रवेश कर गया है। करीब तीन दिन पहले यह शिवलिंग गोपालगंज पहुंचा था जहां सोमवार की सुबह मंत्री मंगल पांडेय समेत अन्य लोगों ने पूजा अर्चना के बाद इसे पूर्वी चंपारण के लिए रवाना किया।
बताया जा रहा था कि गोपालगंज से पूर्वी चंपारण के रास्ते में गंडक नदी पर बने डुमरिया पुल पार करना एक चुनौती थी जिसे दोनों ही जिलों के जिला प्रशासन ने सुनिश्चित किया और यह शिवलिंग पूर्वी चंपारण पहुंच गया। इसे अब कैथवलिया में स्थित विराट रामायण मंदिर ले जाया जायेगा जहां इसे स्थापित किया जायेगा। जिस वक्त शिवलिंग लदा ट्रक डुमरिया पुल से पार कर रहा था उस वक्त पुल पर अन्य वाहनों और लोगों का आवागमन रोक दिया गया था। इसके साथ ही सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किये गए थे।
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इस दौरान गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि यह शिवलिंग 33 फीट लंबा और 33 फीट गोल है जिसमें 1008 छोटे छोटे शिवलिंग हैं। यह शिवलिंग ग्रेनाइट के एक ही पत्थर से बनाया गया है जो देश के अभूतपूर्व शिल्प कला को प्रदर्शित करता है। बता दें कि इस मंदिर के निर्माण का शिलान्यास महावीर मंदिर न्यास समिति से जुड़े किशोर कुणाल ने जून 2023 में किया था। यह मंदिर 1080 फुट लंबा और 540 फुट चौड़ा होगा। मंदिर के नींव के बाद प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह का पाइलिंग का काम किया जा चुका है और संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष फरवरी तक शिवलिंग मंदिर में स्थापित कर दिया जायेगा। विराट रामायण मंदिर देश के सबसे बड़े मन्दिरों में से एक होगा। इस शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडू के महाबलीपुरम में किया गया है जहां से उसे एक विशाल ट्रक पर लोड कर पूर्वी चंपारण में स्थित मंदिर तक लाया जा रहा है।
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