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200 छात्रों के लिए मात्र एक किलो दाल, आधा किलो धनिया में 4 दिन बनती है सब्जी, सीतामढ़ी में ग्रामीणों ने....

200 छात्रों के लिए मात्र एक किलो दाल, आधा किलो धनिया में 4 दिन बनती है सब्जी, सीतामढ़ी में ग्रामीणों ने....

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200 छात्रों के लिए मात्र एक किलो दाल, आधा किलो धनिया में 4 दिन बनती है सब्जी, सीतामढ़ी में ग्रामीणों - फोटो : Darsh NEWS

सीतामढ़ी: एक तरफ राज्य सरकार और शिक्षा विभाग प्रतिदिन नई योजनाएं ला कर व्यवस्था और सुविधाओं में सुधार करने में लगी है तो दूसरी तरफ कुछ कर्मियों की वजह से इस पर पानी फिर रहा है। एक बार फिर सीतामढ़ी से एक ऐसा मामला सामने आया है जो शिक्षा विभाग पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। मामले को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने एक विद्यालय में पहुंच कर हंगामा भी किया और दोषी कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की। बताया जा रहा है कि इस विद्यालय में दो सौ बच्चों को खिलाने के लिए महज एक किलो दाल ही बनाया जाता है।

मामला सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड के कमलदह गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय मंडल टोला का है जहां सोमवार को अचानक दर्जनों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे और हंगामा करने लगे। हंगामा कर रहे लोग मध्याह्न भोजन योजना में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे थे। लोगों के हंगामे की वजह से मौके पर अफरातफरी का माहौल हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दे कर लोगों को शांत करवाया वहीं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीडिया के सवालों से बचती नजर आई।

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ग्रामीणों का आरोप था कि विद्यालय में करीब दो सौ छात्र हैं और सरकार के निर्देशानुसार सभी बच्चों को पोषण युक्त मध्याह्न भोजन दिया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार और विभाग ने तय कर रखा है कि किस दिन बच्चों को क्या और कितना खाने के लिए दिया जायेगा बावजूद इसके इस विद्यालय में इतनी संख्या में बच्चों को खिलाने के लिए मात्र एक किलो दाल बनाई जाती है। वहीं विद्यालय की रसोईया ने बताया कि हमें जितना सामान दिया जाता है उसके अनुसार हम बनाते हैं और सामान के अनुसार खाना तो बेकार ही न बनेगा। लोग मेरे ऊपर चोरी का आरोप लगाते हैं और इस वजह से मध्याह्न भोजन में सामान कम दी जाती है। अगर मेरे ऊपर शक है तो रसोई में सीसीटीवी कैमरा लगवा लें ताकि पता चले कि हम चोरी करते हैं या नहीं।

हंगामा कर रहे लोगों ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका और अन्य शिक्षकों पर बच्चों के पठन पाठन में भी अनियमितता का आरोप लगाया। इस मामले में जब प्रधानाध्यापिका से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है, दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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सीतामढ़ी से सौरभ की रिपोर्ट


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