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चुनाव बाद तेजस्वी ने तोड़ी अपनी चुप्पी, बताया कैसे हारी पार्टी, सत्ता पक्ष के साथ ही मीडिया पर भी बोला हमला...

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद तेजस्वी यादव पहली बार सामने आये. पार्टी कार्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने सत्ता पक्ष पर जम कर हमला किया वहीं मीडिया पर भी निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी की हार को लेकर भी...

tejashwi aaye samne
चुनाव बाद तेजस्वी ने तोड़ी अपनी चुप्पी, बताया कैसे हारी पार्टी, सत्ता पक्ष के साथ ही मीडिया पर भी बोल- फोटो : Darsh News

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से राजनीति से दूर रह रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शनिवार को पार्टी कार्यालय पहुंचे। पार्टी कार्यालय में आयोजित कर्पूरी जयंती समारोह में वे शिरकत करने पहुंचे थे जहां सबसे पहले उन्होंने चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने एक तरफ सत्ता पक्ष पर हमला किया तो दूसरी  तरफ मीडिया पर कई सवाल खड़े किये।

लोक हार गया, तंत्र जीत गया

तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोगों को आज यह संकल्प लेकर जाना चाहिए कि आने वाले समय में मिलने वाली चुनौतियों और कर्पूरी जी के संकल्प को पूरा करना है। बिहार में शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार के मामले में सबसे फिसड्डी राज्य है। राज्य में मजदूर बदहाल है, किसान तबाह है लेकिन सरकार को इसकी चिंता नहीं है। सत्ता में 20 वर्षों से वही लोग हैं जो कर्पूरी जी को गाली देते थे। वे केवल चंद लोगों की बात करते हैं, संविधान बदलने और लोकतंत्र खत्म करने की बात करते हैं और उस दिशा में काम भी करते हैं। अभी मंगनी लाल मंडल जी ने पिछले चुनाव के बारे में बताया कि क्या हुआ और क्या नहीं हुआ जबकि हमने आते ही कहा कि लोकतंत्र में लोक हारा और तंत्र जीत गया। जनतंत्र को इन लोगों ने मशीन तंत्र बना दिया है।

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मीडिया फैलाता है प्रोपेगेंडा

तेजस्वी ने कहा कि हम सबलोगों के ऊपर एक बड़ी जिम्मेवारी है और लड़ाई लड़नी है। कर्पूरी चाहे जिस भी पद पर रहे लोग उन्हें गालियां ही देते रहे। हमलोग उनसे सीखे हैं कि चाहे कैसी भी कितनी भी गाली दी जाये, लालू जी को भी गालियां दी गई और हमने उनसे सीखा कि लोग चाहे कुछ भी बोलें झुकना नहीं है। जब कर्पूरी-लालू नहीं झुके तो तेजस्वी भी नहीं झुकेगा, हमलोग लड़ेंगे और लड़ने वाला ही जीतता है। चुनाव के दौरान मीडिया, पूंजीपति, संवैधानिक संस्था आपके साथ नहीं था, अधिकारी भी बेईमानी में लगे थे। पूरा सिस्टम चुनाव में लड़ा लेकिन हमें फक्र है कि इतना सिस्टम लड़ने के बावजूद एक करोड़ 90 लाख वोट हमलोगों को मिला। 60 प्रतिशत बिहार की जनता ने सरकार के खिलाफ मतदान किया। बिहार की जनता बदलाव चाहती थी। हम ज्यादा बातें नहीं कहेंगे, इसकी जरूरत नहीं है। आजकल विद्वान पत्रकार आ गए हैं वे लोग चीड़ फाड़ करने लगेंगे। ये लोग सच्चाई नहीं देखते हैं, प्रोपगेंडा फ़ैलाने लगते हैं। बाहर के लोग तो करते ही हैं, अंदर के भी कुछ लोग करते हैं।

परिवारवाद पर बात करने वाले का मंत्रिमंडल देख लीजिये

तेजस्वी ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाये, हम लोग झुकने वाले, रुकने वाले नहीं हैं। बिहार की जनता की आवाज उठाते रहेंगे और लड़ते रहेंगे। इस दौरान तेजस्वी ने परिवारवाद के संबंध में बोलते हुए कहा कि ये लोग परिवारवाद पर सवाल उठाते हैं। नितिन नबीन जी को हम बधाई देते हैं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये गए हैं, उनके पिता जी क्या थे। अब हमलोग कुछ बोलेंगे नहीं बल्कि गंभीर हो कर बिहार बचाने के लिए एक हो कर लड़ाई लड़ेंगे। अभी दो तारीख से जो बजट सत्र शुरू होगा, संसद भी चलेगा, और उसके बाद हमलोग हर जिले में घूम कर मजबूत संगठन बनायेंगे। तेजस्वी ने कहा कि हमलोग मजबूत हैं और मजबूती से लड़ेंगे। हम कमजोर नहीं हैं, हमारा समय कमजोर है।

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जमीन पर उतारें अपना घोषणा पत्र

तेजस्वी यादव ने कार्यक्रम को संबोधित हुए कहा कि मैंने बोला था कि ये लोग चाहे जैसे भी सरकार में आ गए हैं तो हम 100 दिन कुछ नहीं बोलेंगे। अब हमलोग चाहेंगे कि बाकि का एक लाख 90 हजार भी जल्द से माताओं बहनों को दे दिया जाये, एक करोड़ नौकरी भी लोगों को दी जाये, हर जिले में कारखाने और फैक्ट्री लगाने की बात कही थी वह भी किया जाये। इन्होने जिस घोषणा पत्र को एक मिनट 28 सेकंड में खत्म किया था उसे जमीनी स्तर पर लागू करें। हमने दवाई, पढाई, सिंचाई और सुरक्षा की बात की लेकिन आज बिहार में क्या हो रहा है, बच्चियों के साथ हैवानियत हो रही है। भाजपा के एक स्वघोषित बड़े नेता ने कहा कि तेजस्वी बाहर थे तो अपराध कम थे और जब आ गए हैं तो अपराध बढ़ गया है। ये लोग जिम्मेदारी वाली बात को मजाक में उड़ा रहे हैं।

अब कहाँ हैं सारे नेता

तेजस्वी ने कहा कि अगर इन्हें पता है कि तेजस्वी अपराधी है तो जेल में बंद करो न। तेजस्वी है तो भी तकलीफ, नहीं है तो भी तकलीफ, बोलें तब भी तकलीफ न बोलें तब भी तकलीफ है। नई सरकार बनने के बाद जश्न सिर्फ भाजपा और जदयू कार्यालय में मना, पूरे बिहार में नहीं। चुनाव के बाद उनकी जीत से अधिक चर्चा हमारे हार के हैं। किसी को विश्वास ही नहीं था कि परिणाम क्या आएगा। आज हमारा देश जिस स्थिति में है, प्रधानमंत्री हर हफ्ते आते थे, गृह मंत्री ने पटना को अपना घर बना लिया था। भारत सरकार का मंत्रिमंडल बिहार में डेरा बना लिया था। आज कहाँ हैं सारे लोग, आज बिहार की क्या हालत है। इन लोगों ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया कि बिहार में क्या हुआ? बिहार में ऐसा कौन दिन है जब गोलियां न चलती हों। इनलोगों से कुछ होने वाला नहीं है वह आप हम और बिहार की जनता भी जानते हैं।

तेजस्वी ने कहा कि ये लोग सत्ता में कैसे बने हैं सब जानते हैं। सत्ता का दुरूपयोग करना, तंत्र मन्त्र लगाना, अधिकारियों को लगाना, धनबल का दुरूपयोग, संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक कर पार्टी के लिए उपयोग करना सब जानते हैं। हम तो बस इतना कहेंगे कि अभी यह लड़ाई की सिर्फ शुरुआत है। हमलोग लड़ेंगे और जीतेंगे भी।

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