पटना: राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला करीब अब तक नहीं सुलझ सका है। SIT गठन का भी एक सप्ताह से अधिक बीत चुका है लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। यहां तक कि छात्रा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अब तक एम्स की तरफ से जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जब एम्स पर सवाल उठने शुरू हुए तो डॉक्टरों ने SIT पर बड़ा आरोप लगाया है। इसके साथ ही SIT लगातार जांच करने का दावा कर रहा है। एक जानकारी के मुताबिक SIT ने अब तक करीब दो सौ जीबी से अधिक डिजिटल साक्ष्य इकठ्ठा किये हैं।
AIIMS ने SIT पर लगाया आरोप
शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली जहानाबाद की छात्रा की मौत के पहले से परिजन सामूहिक हैवानियत का आरोप लगा रहे थे जबकि हॉस्टल प्रबंधन से लेकर डॉक्टर और पुलिस तक ने इस बात से इंकार कर दिया था। बाद में जब PMCH से छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पुलिस पर आरोपों की झड़ी लग गई और उसके बाद डीजीपी ने एक SIT का गठन किया। पुलिस ने दावा किया कि SIT निष्पक्ष जांच करेगी और जल्दी ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। इसके साथ ही पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सेकंड ओपिनियन लेने के लिए एम्स से संपर्क किया। एम्स में भी फॉरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट के HOD के नेतृत्व में पांच एक्सपर्टों की एक टीम गठित कर दी साथ ही यह कहा गया कि जरूरत पड़ने पर और भी एक्सपर्ट को इस टीम में जोड़ा जायेगा।
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5 एक्सपर्ट की बनी है टीम
SIT गठन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आये एक सप्ताह से अधिक हो गया है लेकिन अब तक एम्स ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अपना कोई ओपिनियन नहीं दिया है। इस मामले में एम्स के डॉ विनय कुमार ने SIT पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने कहा कि हमें रिकॉर्ड देरी से मिल रही है। अब तक SIT की टीम ने पटना एम्स को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कुछ डाक्यूमेंट्स ही दिए हैं और अब तक हमें पूरे डाक्यूमेंट्स नहीं मिले हैं। इस वजह से रिपोर्ट रिव्यु में देरी हो रही है। डॉ विनय कुमार ने बताया कि पुलिस के संपर्क करते ही एम्स निदेशक और अधीक्षक ने फॉरेंसिक विभाग के दो, गायनेकोलॉजी, न्यूरोलॉजी, रेडियोलॉजी विभाग के एक एक एक्सपर्ट को शामिल कर 5 सदस्यीय टीम गठित कर दी। लेकिन SIT की टीम डाक्यूमेंट्स धीरे धीरे दे रही है।
बताया जा रहा है कि मामले में FSL की रिपोर्ट भी 27 जनवरी तक आ सकती है। इसके साथ ही अब SIT ने पटना जंक्शन से हॉस्टल तक करीब 100 जीबी का सीसीटीवी फूटेज जमा किये हैं जबकि परिजन, डॉक्टर समेत अन्य लोगों के बयान भी 105 जीबी में रिकॉर्ड किया है। इसके साथ ही टीम ने विभिन्न लोगों से पूछताछ की है लेकिन अब तक कुछ भी निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
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