“छोटे कपड़े पहनकर आओ…” स्कूल में प्रिंसिपल पर टीचर का गंभीर आरोप...जाने पूरा मामला
बिहार के लखीसराय जिले के एक सरकारी आवासीय विद्यालय से जुड़ा विवाद सामने आया है। यहां कार्यरत एक महिला शिक्षिका ने स्कूल के प्रिंसिपल पर मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर शिक्षिका ने शनिवार को बिहार राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है।
शिक्षिका का आरोप है कि स्कूल के प्रिंसिपल उन्हें अक्सर अनुचित तरीके से देखते थे और कई बार आपत्तिजनक इशारे भी करते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रिंसिपल स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से उनकी तस्वीरें और वीडियो क्लिप निकालते थे और उन्हें दिखाकर दबाव बनाने की कोशिश करते थे।पीड़ित शिक्षिका के मुताबिक, प्रिंसिपल ने उनसे स्कूल में छोटे कपड़े पहनकर आने की बात कही थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें कथित तौर पर वीडियो और फोटो एडिट कर वायरल करने की धमकी दी गई। शिक्षिका ने बताया कि इस तरह की हरकतों से वह लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थीं।
यह भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव से पहले तेजस्वी का ‘पॉलिटिकल प्लान’! होटल में विधायकों की घेराबंदी, NDA की बड़ी बैठकें
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अक्सर स्कूल समय से पहले आने और छुट्टी के काफी देर बाद जाने के लिए कहा जाता था। विरोध करने पर उनकी उपस्थिति काट दी जाती थी और कामकाज में बाधा डाली जाती थी। शिक्षिका के अनुसार, एक बार जब वह समय पर स्कूल पहुंचीं तो प्रिंसिपल ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें स्कूल से बाहर कर दिया और भविष्य खराब करने की धमकी दी।
यह भी पढ़ें: गया स्टेशन बना ‘एग्जाम सेंटर का एक्सटेंशन’! ट्रेनों में चढ़ने को बिहार सिविल कोर्ट के अभ्यर्थियों की होड़
शिक्षिका का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को भी डराया-धमकाया गया। उन्होंने अपनी शिकायत जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को भी भेजी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया। दूसरी ओर, स्कूल के प्रिंसिपल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिक्षिका समय पर स्कूल नहीं आती थीं और उपस्थिति रजिस्टर में गलत समय दर्ज करती थीं। इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। महिला आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की बात सुनी गई है और मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को तय की गई है। आयोग ने पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।