पटना हाई कोर्ट ने गुरुवार, 19 मार्च 2026 को जेडीयू विधायक Anant Singh को दुलारचंद यादव हत्या मामले में जमानत दे दी। कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए रिहाई का आदेश जारी किया। अनंत सिंह अक्टूबर 2025 में हुए इस हत्याकांड के बाद से पटना की बेऊर जेल में बंद थे। यह मामला विधानसभा चुनाव के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा था।
क्या है पूरा मामला?
30 अक्टूबर 2025 को मोकामा टाल इलाके में जन सुराज समर्थक Dularchand Yadav की हत्या कर दी गई थी। आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा। 1 नवंबर की देर रात पुलिस ने मोकामा स्थित उनके आवास से उन्हें गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज हो चुकी हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोले राज
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार:
* शरीर पर कई गहरे जख्म पाए गए
* फेफड़े फटे हुए थे, जिससे भारी इंटरनल ब्लीडिंग हुई
* छाती की कई पसलियां टूटी थीं
* रीढ़ के पास चोट के निशान मिले
* सिर, पीठ, घुटने और टखनों पर गंभीर चोटें थीं
* दाहिने पैर के पास गोली लगने के निशान भी मिले
बयानबाजी से बढ़ा विवाद
हत्या से दो दिन पहले दुलारचंद यादव ने अनंत सिंह की पत्नी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अनंत सिंह की पत्इनी को नाचने वाली कह दिया था, उसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था, जो बाद में हिंसा में बदल गया।
राज्यसभा चुनाव के दिन दिया बयान
महत्वपूर्ण बात यह है कि अनंत सिंह का चुनाव न लड़ने वाला बयान जमानत के बाद नहीं, बल्कि Rajya Sabha Election के दिन वोटिंग के दौरान दिया गया था। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह आगे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर Nitish Kumar चुनाव नहीं लड़ेंगे, तो वे भी मैदान में नहीं उतरेंगे।मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला नीतीश कुमार ही तय करेंगे, जबकि अन्य नेताओं के नाम पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
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