पटना: राज्यसभा चुनाव में बिहार की एक सीट पर महागठबंधन ने भी अपना उम्मीदवार उतारा था। हालांकि इस एक सीट पर NDA और महागठबंधन दोनों की जीत मुश्किल थी बावजूद इसके तेजस्वी ने आंकड़ों की व्यवस्था कर ली थी लेकिन अंत समय में अपने चार विधायकों ने ही धोखा दे दिया। मतदान के दिन राजद के एक तथा कांग्रेस के 3 विधायकों ने वोट ही नहीं डाला और द्वितीय वरीयता की गिनती में NDA के उम्मीदवार ने जीत दर्ज कर ली। हालांकि वोट नहीं डालने वाले विधायकों के विरुद्ध कांग्रेस पार्टी ने कार्रवाई शुरू कर दी है लेकिन इसे लेकर बिहार की राजनीति गर्म है। NDA के नेता लगातार अपनी सरकार के विकास कार्यों तथा महागठबंधन की नीतियों को हार की वजह बता रहे हैं।

विपक्षी नेतृत्व के अहंकार ने हराया

अब इस मामले में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी बड़ा बयान दिया है। पप्पू यादव ने राज्यसभा चुनाव में हार के लिए बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तथा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को ही जिम्मेवार ठहरा दिया है। पप्पू यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी यह चुनाव इस जन्म नहीं विपक्ष को नहीं हरा सकती थी लेकिन विपक्ष के नेतृत्व के अहंकार की वजह से हार हुई है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के तीन विधायकों को वोट नहीं करने पर नोटिस जारी किये जाने को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी की लाइन से हट कर काम किया है तो नोटिस जारी किया ही जायेगा और उन्हें जवाब भी देना पड़ेगा। इसके साथ ही पप्पू यादव ने महागठबंधन में कांग्रेस को सम्मान नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के नेतृत्व ने सहयोगियों को बराबर सम्मान नहीं दिया और इसी अहंकार की वजह से चुनाव में हार हुई वरना भाजपा कभी नहीं हरा सकती थी।

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विपक्ष के चार विधायकों ने नहीं किया था मतदान

बता दें कि राज्यसभा चुनाव में एक सीट पर जीत के लिए महागठबंधन को 6 वोटों की कमी हो रही थी जिसे तेजस्वी यादव ने ओवैसी और मायावती की पार्टी के विधायकों के समर्थन से पूरा कर लिया था लेकिन मतदान के दिन राजद के एक तथा कांग्रेस के तीन विधायकों ने वोट ही नहीं डाला। यही वजह रही कि मतगणना में पहली वरीयता की गिनती में अधिक वोट पाने के बावजूद राजद प्रत्याशी एडी सिंह दूसरी वरीयता की गिनती में हार गए। राज्यसभा चुनाव में राजद के फैसल रहमान, और कांग्रेस के तीन विधायक मनोज विश्वास, सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा तथा मनोहर प्रसाद सिंह ने मतदान नहीं किया था।

कांग्रेस विधायक ने कहा था

मतदान नहीं करने के सवाल पर कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने साफ शब्दों में कहा था कि चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी और उसके बिहार नेतृत्व को सम्मान नहीं दिया गया। इस वजह से उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठक में अपनी बात रखी जिसके बाद उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विधायक वोट करने के लिए स्वतंत्र हैं और तब हमने निर्णय लिया कि हमलोग मतदान ही नहीं करेंगे। हालांकि इस आरोप के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भी कहा था कि सभी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और बुधवार को ही बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष ने तीनों विधायकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण की मांग की है।

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