पटना: लोकआस्था का महापर्व चैती छठ की तियारी एक बार फिर जोरों पर है। 22 मार्च से शुरू होने वाला यह पर्व 25 मार्च तक चलेगा जिसे लेकर एक तरफ लोग अपने घरों में तैयारी कर रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रशासन भी युद्ध स्तर पर तैयारी में जुटा है। इसी कड़ी में चैती छठ के अवसर पर राजधानी पटना में गंगा नदी में नावों का परिचालन नहीं किया जायेगा। इसे लेकर पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने एक आदेश जारी किया है जिसके अनुसार 22 मार्च की सुबह से 25 मार्च तक पटना के गंगा नदी में नावों के परिचालन पर रोक लगा दिया है।
जिले के सभी अनुमंडल अधिकारियों को लिखे पत्र में जिलाधिकारी ने कहा है कि 22 मार्च को नहाय खाय के साथ ही चैती छठ की शुरुआत हो जाएगी। इस दौरान नावों से रूपये कमाने के चक्कर में नाविक इस पार से उस पार तक नावों का फेरी करते हैं और क्षमता से अधिक लोगों को बैठा लेते हैं। इस वजह से हमेशा किसी हादसा का डर बना रहता है। हादसों की संभावना को देखते हुए 22 मार्च से 25 मार्च तक पटना में गंगा नदी में नावों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान प्रशासन और विशेष कार्यों के लिए अनुमति प्राप्त नावों का ही सिर्फ गंगा नदी में किया जायेगा।
डीएम ने अपने आदेश में वर्ष 1995 में हुए एक हादसे का भी जिक्र किया है और लिखा है कि नारियल घाट पर एक भीषण आव दुर्घटना हुई थी जिसमें 86 व्यक्ति, पतंग उत्सव के अवसर पर 24 जबकि माघी पूर्णिमा के अवसर पर 3 व्यक्तियों की मौत हो गई थी। इस घटना से सबक लेते हुए जिले के सभी गंगा घाटों के क्षेत्र में नावों के परिचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाये। यह प्रतिबन्ध 22 मार्च से लेकर 25 मार्च को कार्यक्रम समाप्ति तक लागू रहेगा।

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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट




