बिहार में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। राजधानी पटना में शुक्रवार रात भर बारिश होती रही, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं शनिवार सुबह बगहा में हल्की बारिश जारी है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह बदलाव अगले 24 से 48 घंटों तक बना रह सकता है।


राज्यभर में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि

शुक्रवार शाम बिहार के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। पटना, मुजफ्फरपुर, बेतिया, मोतिहारी, जमुई, भागलपुर समेत करीब 15 शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई।

उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और आसपास के इलाकों में ओले भी गिरे। कई गांवों में 10 से 15 मिनट तक लगातार ओलावृष्टि हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।


बिजली गिरने से मौत और कई घायल

खराब मौसम के बीच आकाशीय बिजली कहर बनकर टूटी है। गया जिले में वज्रपात की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं जमुई के चकाई में 15 साल की छात्रा रागनी की जान चली गई।

मोकामा के चिंतामणिचक इलाके में ठनका गिरने से 10 मजदूर घायल हो गए। पटना और मुजफ्फरपुर में ताड़ के पेड़ों पर बिजली गिरने से पेड़ जलकर खाक हो गए।


25 जिलों में अलर्ट, 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार के लिए 25 जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट जारी किया है।

ऑरेंज अलर्ट (तेज बारिश और वज्रपात): अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया

येलो अलर्ट (हल्की बारिश और आंधी): पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली समेत 21 जिले इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।


तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत

बारिश और तेज हवा के कारण तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 से 36.9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 24 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।


किसानों को भारी नुकसान

अचानक बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, तेलहन और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। आम और लीची के मंजर भी प्रभावित हुए हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है।


लोगों के लिए एडवाइजरी

मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

* खराब मौसम में घर से बाहर निकलने से बचें

* बिजली के पोल और पेड़ों से दूर रहें

* जरूरत पड़ने पर पक्के भवन में शरण लें, ईद के मौके पर भी मौसम परेशानी बढ़ा सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।