पटना: बीते दिनों संसद में महिला आरक्षण विधेयक दो तिहाई बहुमत नहीं होने की वजह से गिर गया। अब इस मुद्दे को लेकर पक्ष और विपक्ष आमने सामने है। एक तरफ जहां विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही पास होने के बावजूद अब तक लागू नहीं किये जाने का आरोप लगा रहा है तो दूसरी तरफ इसकी आड़ में भाजपा पर अपनी राजनीतिक हित साधने का आरोप लगा रहा है वहीं भाजपा समेत पूरा NDA इसे विपक्ष का महिला विरोधी मानसिकता करार दे रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को राजधानी पटना में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने एक प्रेस कांफ्रेंस किया और उन्होंने NDA को सत्ता पक्ष में बैठने के बदले विपक्ष में बैठने की नसीहत दे डाली

प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए झारखंड की स्वास्थ्य मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि हाल ही में केंद्र की सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में पेश किया था। यह आरक्षण महिलाओं के लिए आरक्षण नहीं बल्कि मोदी आरक्षण है। 2023 में पक्ष और विपक्ष ने मिल कर महिला आरक्षण विधेयक को पास किया था लेकिन वह अब तक लागू नहीं किया गया। इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब कोई कानून लागू किये बगैर ही उसमें संशोधन की बात की जाये। 

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झारखंड की स्वास्थ्य मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि केंद्र की सरकार आरक्षण विधेयक में संशोधन के लिए जो प्रक्रिया अपना रही है वह वास्तव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है। सरकार महिलाओं को आगे करके अपना आरक्षण सुनिश्चित कर रही है और यही वजह है कि कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने इस बिल का विरोध किया है। मोदी सरकार इस बिल के माध्यम से आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। जब पीएम मोदी समेत उनका पूरा कुनबा अपनी राजनीतिक षड्यंत्र में फेल हो गए तो फिर अब भाजपा की महिला कार्यकर्ताएं सड़कों पर हैं

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी लोकसभा में सीट बढ़ाने का जो खेल खेल रहे थे उसमे पकडे गए और विपक्ष ने उनकी साजिश को विफल कर दिया। यह बिल पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन अब तक लागू नहीं किया गया। इतना ही नहीं महिला आरक्षण कानून के लिए राहुल गांधी ने वर्ष 2019 में ही पत्र लिखा था। अगर पीएम मोदी महिलाओं की भलाई चाहते हैं तो फिर अपनी कुर्सी किसी महिला को दे दें। NDA के लोग सत्ता पक्ष में नहीं बल्कि विपक्ष में बैठने के लायक हैं। पहले जो महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है उसे लागू करें फिर उसमें संशोधन की सोचें

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