कलियुग का भागीरथ बन CM ने पहुंचा दिया गंगाजल लेकिन कर्मियों की नाकामी से फिर बन गया श्राप...
गयाजी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा और गया जी के तीर्थ स्थलों तक पवित्र गंगा जल पहुँचाने का एक सपना देखा और उसे उन्होंने पूरा भी किया। माता सीता के श्राप की वजह से सुखी रहने वाली फल्गु नदी में सीएम नीतीश ने गंगा जल तो पहुंचा दिया लेकिन स्थानीय कर्मियों की वजह से अब उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट गंदगी की मार झेल रहा है। आलम यह है कि जिस श्रद्धालु की सुविधा के लिए यह फल्गु नदी पर रबर डैम बनाया गया था अब वही इस गंदगी की वजह से परेशान हैं।
करीब 334 करोड़ रूपये की लागत से बने रबर डैम में सीएम नीतीश ने गंगा का पानी तो पहुंचा दिया। वर्ष 2022 में इसका उद्घाटन भी हो गया जिसके बाद श्रद्धालुओं में काफी ख़ुशी देखी गई थी। अब उसी डैम में अपने पितरों की मोक्ष की कामना को लेकर आने वाले श्रद्धालु पिंडदान करने से कतराते नजर आते हैं। लोगों का कहना है कि इसमें गंदगी और गाद इतना अधिक है कि एक मिनट भी रुकना मुश्किल लगता है। इससे आने वाली बदबू सीधे नाक में जाती है। गंदगी की वजह से फल्गु नदी अब लोगों की परेशानी का सबब बन गया है।
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श्रद्धालुओं ने कहा कि पितृपक्ष मेले के दौरान तो यहां नेता-मंत्री और अधिकारियों का तांता लगा रहता है तो फल्गु नदी में पानी भी साफ होता है लेकिन उसके बाद धीरे धीरे यह पानी गंदी होने लगती है और अभी के समय में आलम यह है कि इसमें कीड़े भी नजर आने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि यहां आने वाले श्रद्धालु एक दिन से लेकर डेढ़ महीने तक रुकते हैं और इस गंदगी की वजह से कई श्रद्धालु बीमार हो गए हैं।
बता दें कि धार्मिक मान्यता है कि इसी जगह पर माता सीता ने राजा दशरथ का पिंडदान किया था। और फिर माता सीता के श्राप की वजह से फल्गु नदी का पानी सूख गया। कहा जाता है कि इस नदी में बालू के नीचे पानी बहती है जिसमें नीतीश कुमार ने अपने एक ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत गंगा के जल से भर दिया था लेकिन अब स्थानीय कर्मियों की वजह से यह एक बार फिर श्राप के रूप में ही नजर आ रहा है।
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गया जी से मनीष कुमार की रिपोर्ट