सिंचाई से खाद तक संकट ही संकट, कारगिल चौक पर किसानों का बड़ा प्रदर्शन
जहानाबाद के कारगिल चौक के पास सोमवार को भारतीय किसान मजदूर विकास संगठन (बिहार) के बैनर तले एकदिवसीय धरना दिया गया। इस प्रदर्शन में जिले के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और समस्याओं के समाधान की मांग की।
धरना को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है, लेकिन आज भी किसानों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। कई नहरें गंदगी से भरी हैं और उनकी सफाई या मरम्मत नहीं हो रही है। इसके कारण किसानों की फसल प्रभावित हो रही है।
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उन्होंने खाद की समस्या पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि सरकार ने यूरिया की कीमत तय कर रखी है, लेकिन किसानों को उसी दर पर खाद नहीं मिल रही। बाजार में ऊंचे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और मुनाफा कम हो रहा है। किसानों ने जमीन से जुड़े दाखिल-खारिज के मामलों में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उनका कहना है कि राजस्व कार्यालयों में काम के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं और बिना पैसे काम नहीं होता। ऑनलाइन रसीद की सुविधा शुरू हुई है, लेकिन परिमार्जन का काम अब भी लंबित है।
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धरना के अंत में किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। किसानों ने सिंचाई व्यवस्था सुधारने, उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने और राजस्व कार्यों में पारदर्शिता लाने की मांग दोहराई।