गयाजी: गया जी नगर निगम के सभागार में गुरुवार को मेयर वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई जबकि संचालन सशक्त स्थायी समिति सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। मेयर ने कहा सदन में शहर के विकास को लेकर कई अहम योजनाएं पेश की गई, जिसमें सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। सदन में मेयर ने नाले की सफाई, नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार को जीर्णोद्धार, सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने को लेकर निविदा, शहर में पेयजल संकट दूर करने के लिए निविदा निकलने सहित कई योजनाओं पर प्रमुखता रखा और कहा कि जनहित का ध्यान में रखते हुए यह अहम योजनाओं सदन रखा गया है जिससे शहर के विकास होगा। 

विकास को लेकर सभी वार्ड को 25-25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। शहरवासियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलेगी। वहीं मेयर ने बैठक में कई पदाधिकारियों को उपस्थित नहीं रहने पर कहा कि पदाधिकारियों को नहीं बैठक नहीं होना उनका नाकामी दर्शाता है। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया, सदस्य मनोज कुमार, जय प्रकाश सिंह यादव, कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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शहर के सभी गलियों पर लगेगी स्ट्रीट लाइट

शहर के रोशनमय करने को लेकर प्रत्येक वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि इसके तरह 11 हजार स्ट्रीट लाइट के साथ 75 बड़ा हाईमास्ट लाइट और 75 छोटा हाईमास्ट लगेगा। इससे रात में शहर सुंदर दिखने के साथ आमलोगों को सड़कों पर चलने में काफी सुविधा होगी। शहर में अंधेरे को दूर करने के लिए यह योजना है।

सभी वार्ड में मिनी जलापूर्ति केंद्र होगा निर्माण

शहर में जलसंकट दूर करने के लिए सभी वार्डो में मिनी जलापूर्ति केंद्र का निर्माण किया जाएगा। साथ ही खराब पड़े चापाकल को एक और ठेकेदार को लगाने के लिए जल्द ही निविदा निकाली जाएगा। इससे शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। सदन में मौजूद सदस्यों ने कहा कि शहर के कई वार्ड चार, 17, 27, 11, 35, 36, 42 आदि में पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति ठीक नहीं हो रहा है। इसके कारण उक्त वार्डो में जलसंकट कई दिनों पर बना है। इसपर नगर आयुक्त ने बुडको के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया जल्द से जल्द समस्या को हल करे नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहे।

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नाले की सफाई तीन-चार दिनों में शुरू

शहर में स्थित नालियों एवं नाले की साफ-सफाई को लेकर सदस्यों ने सदन में जोरों से आवाज उठाई। सदस्यों ने कहा कि एक माह बाद मानसून जाएगी। वर्षा होने पर शहर में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकता है। नाले की सफाई होली के बाद से शुरू हो जाए जाने चाहिए था। लेकिन अप्रैल माह समाप्त होने के बाद भी नालियों और नाले की सफाई का काम प्रारंभ तक नहीं हुआ है। इसपर नगर आयुक्त ने कहा कि कुछ  वार्ड नाले की साफ-सफाई को लेकर निविदा निकाली गई है। तीन-चार दिनों में नाले की सफाई शुरू कर दी जाएगी।

जल्द ही शहरवासियों को मिलेगा डस्टबिन

कचरे का पूरी तरह से निष्पादन को लेकर नगर निगम ने जल्द ही सभी घरों को कचरे रखने के लिए डस्टबिन देने की तैयारी कर रहा है। नगर निगम ही डस्टबिन का खरीदारी करने जा रहे है। साथ ही साफ-सफाई को एक और एजेंसी को जिम्मा देने के लिए तैयारी कर रहा है। इसके लिए जल्द ही निविदा निकाली जाएगा। जिससे शहर पूरी तरह से चकाचक दिखाई पड़े। बैठक में पार्षदों ने कहा कि नगर निकाय को चुनाव में मात्र एक वर्ष शेष रहा है। ऐसे में काम नहीं पर जनता के बीच कैसे जाएगे। जनता द्वारा बार-बार कोसा जा रहा है। इधर काम को लेकर नगर निगम पदाधिकारियों के समक्ष बात रखते है तो वे सुनने नहीं है। चार वर्षो में कई काम हुआ नहीं और कई काम अधूरा पड़ा है। जबकि चुनाव में मात्रा एक वर्ष शेष रह गया।

सदन में बैठक से बहिष्कार बाहर निकले पार्षद

बैठक शुरू होते ही वार्ड संख्या 37 के वार्ष सारिका कुमारी ने बहिष्कार कर सदन निकल गई। उन्होंने कहा कि वार्ड के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है। कचरा उठाने वाले ठेला खराब के साथ डोर टू डोर कचरे उठाने वाले उपकरण भी खराब है। एजेंसी के समय पर राशि भुगतान के बाद वार्ड में साफ-सफाई को पूर तरह से नहीं हो रहा है। इसके लिए कई बार निगम के अधिकारियों को शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। उक्त कारण को लेकर निगम बोर्ड की बैठक को बहिष्कार कर रही हूं।

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