पटना: बिहार में पिछले कुछ महीनो से आपराधिक घटनाओं में लगातार कोई कमी नहीं हो रही है। आपराधिक घटनाओं को देख विपक्ष भी सरकार पर लगातार हमलावर है। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद सम्राट चौधरी के लिए बिहार में लॉ एंड ऑर्डर एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने है। इसे लेकर सीएम सम्राट ने गुरुवार को सभी जिले के जिलाधिकारी, एसपी और एसएसपी के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को लॉ एंड ऑर्डर व्यवस्था बेहतर करने के लिए खुली छूट दी है। इसके साथ ही उन्होंने बेहतर पुलिसिंग पर भी बल दिया और राज्य को उद्योग के अनुकूल बनाने की बात कही।

बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चियों से जुड़े गंभीर अपराध के मामले में तुरंत एक्शन लीजिये। मृत बच्चियों की तेरहवीं से पहले अपराधियों की तस्वीर पर भी माला पहना दीजिये। वहीं उद्योगपतियों को सुरक्षा दीजिये। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि सुबह 10 आब्जे से दोहपर 2 बजे तक ऑफिस में बैठिये, और लोगों की समस्याएं सुनिए। सीएम सम्राट ने कहा कि बिहार के बाहर से आने वाले उद्योगपतियों के साथ एक पदाधिकारी को जोड़ दीजिये ताकि उन्हें सरे संसाधन मुहैया कराई जा सके। डायल 112 को और अधिक सशक्त करिए ताकि कहीं से कोई भी सूचना मिलने के तुरंत बाद एक्शन लिया जा सके।

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बैठक में सीएम सम्राट ने अधिकारियों को कहा कि विभिन्न योजनाओं की प्रगति, विधि व्यवस्था की स्थिति तथा जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार एक्शन में रहें। राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से विकास की योजनाओं का लाभ हर हाल में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यह सुनिश्चित करें। इसके लिए संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में बेहतर पुलिसिंग कर जनता को पुलिस के प्रति भय नहीं बल्कि विश्वास का प्रतीक बनायें।

बैठक के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य में अपराधियों के विरुद्ध कोई नरमी नहीं बरती जाएगी बल्कि जितनी सख्ती की जा सके करिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिलों में अगर अच्छी सोच वाले डीएम और एसपी जाते हैं तो उस जिले की अधिकतम समस्याएँ अपने आप खत्म हो जाती हैं। हमलोग दो महीने बाद मिलेंगे तब तक आपलोग बेहतर रिजल्ट दीजिये।

वहीं बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि हमलोग सक्षम हैं।कई पदाधिकारी अपनी सक्षमता का पूरा इस्तेमाल ही नहीं करते हैं। डीएम एसपी सबकी इक्षा होती है बेहतर करने की तो अब कीजिये, अच्छा समय है और करके दिखाइए।

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