इंटर के परीक्षार्थी ने अगर किया यह काम तो माने जायेंगे अपराधी, FIR के साथ ही..., जरुर पढ़ें यह खबर...
पटना: आगामी 2 फरवरी से बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होने जा रही है। परीक्षा को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने छात्रों के एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए हैं साथ ही छात्रों एवं परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी करने वाले सभी कर्मियों के लिए भी गाइडलाइन्स जारी कर दिया है। इसी कड़ी में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने परीक्षा केंद्र पर गेट बंद होने के बाद दीवार फांद कर या किसी अन्य तरह से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने वाले छात्रों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। इसके साथ ही केंद्राधीक्षक के विरुद्ध भी कार्रवाई करने की बात कही है।
सोमवार को इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक समेत अन्य सभी कर्मियों के लिए भी सख्त निर्देश जारी किया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने साफ कर दिया है कि परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही छात्रों को प्रवेश कराया जायेगा और परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले ही मुख्य गेट बंद कर दिया जायेगा। परीक्षा केंद्र का मुख्य गेट बंद हो जाने के बाद किसी भी परिस्थिति में छात्र को प्रवेश नहीं दिया जायेगा। अगर छात्र किसी तरह से जबरन घुसने की कोशिश करते हैं तो उनका यह आचरण आपराधिक आचरण माना जायेगा साथ ही देर से आने वाले छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने वाले केंद्राधीक्षक के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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गेट बंद होने के बाद नहीं दे सकेंगे परीक्षा
इस संबंध में परीक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को पहले ही आदेश जारी किया गया है कि इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान छात्रों का केंद्र में एक घंटा पहले प्रवेश कराया जायेगा साथ ही परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले मुख्य गेट बंद कर दिया जायेगा। गेट बंद होने के बाद अगर कोई छात्र जबरन दीवार या गेट फांदने समेत किसी अन्य तरीके से जबरन परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश करते हैं उसे बोर्ड के निर्देशों का उल्लंघन एवं आपराधिक कृत्य माना जायेगा, क्योंकि इस तरह से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने वाला कृत्य भी माना जायेगा।

की जाएगी FIR
परीक्षा शुरू होने से पहले या बाद में गेट बंद हो जाने के बाद गलत तरीके से परिसर में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले छात्र पर आपराधिक गतिविधि मानते हुए दो वर्षों के लिए परीक्षा से निष्काषित कर दिया जायेगा तथा उसके विरुद्ध FIR भी किया जायेगा। इसके साथ उस परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक एवं अन्य चिह्नित व्यक्ति के निलंबन समेत अन्य क़ानूनी कार्रवाई भी की जाएगी जिसकी लापरवाही की वजह से छात्र गेट या दीवार कूद कर परीक्षा परिसर में प्रवेश करेगा।
बता दें कि बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा कदाचार मुक्त आयोजित करवाने के लिए हर संभव इंतजाम कर रहा है। परीक्षा कक्ष के साथ ही केंद्र के आसपास सख्त सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है साथ ही परीक्षा की सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी. इसके साथ ही परीक्षा देने वाले छात्रों को भी मोबाइल या अन्य कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लेकर आने से मना कर चुकी है।
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