औरंगाबाद: एक तरफ NDA के सभी नेता विधायक और मंत्री बिहार में अपराध नियंत्रण का दावा करते हैं तो दूसरी तरफ जदयू विधायक पर उनकी ही पार्टी के एक नेता ने रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया है। जदयू नेता ने एसपी को आवेदन दे कर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। इसके बाद उन्होंने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जानकारी दी और कहा कि जदयू विधायक अपने बॉडीगार्ड के साथ मेरे घर पर पहुंच कर मेरे परिवार के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया और धमकी दी।

जदयू के नेता एवं जिला प्रवक्ता रहे राजीव रंजन उर्फ़ राजा बाबु ने नबीनगर विधायक चेतन आनंद पर रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीते 2 अप्रैल की रात करीब साढ़े 8 बजे नबीनगर विधायक चेतन आनंद अपने सरकारी और निजी बॉडीगार्ड के साथ मेरे घर पहुंचे। उस वक्त मैं घर पर नहीं था, उस वक्त मेरी पत्नी, बच्चे और बुजुर्ग दादा मौजूद थे। उन्होंने कहा विधायक ने उनके साथ गाली गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया और रंगदारी नहीं देने पर एनटीपीसी में चल रहे काम को बंद करवाने की धमकी दी। जदयू नेता ने कहा कि पूरी घटना मेरे घर पर लगे सीसीटीवी में कैद है जिसे देखा जा सकता है। उन्होंने एसपी से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

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वहीं मामले में जदयू नेता एवं उनकी पत्नी ने आरोप को सिरे से ख़ारिज कर दिया है। विधायक की पत्नी ने बताया कि धनौती गांव के कुछ युवकों ने विधायक चेतन आनंद को फोन कर जानकारी दी थी कि राजीव रंजन उर्फ़ राजा अपने आप को जदयू नेता बता कर एनटीपीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रूपये ले रहे हैं। शिकायत मिलने पर विधायक ने मामले की जांच कराई और कुछ बिन्दुओं पर आरोप सही पाए गए। राजीव रंजन पार्टी को बदनाम कर रहे हैं और विधायक को भी बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नबीनगर में युवाओं से ठगी नहीं चलने दी जाएगी।

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