JDU कार्यालय में पहुंचे दर्जनों कार्यकर्त्ता करने लगे नारेबाजी, कहा हमारे नेता सही फिर भी हमारे साथ हुआ अन्याय...
पटना: एक दिन पहले ही राज्य की मुख्य सत्ताधारी दल जदयू ने अपने जिलाध्यक्षों की घोषणा की और गुरुवार को पार्टी कार्यालय में बड़ा हंगामा हो गया। बक्सर से दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय पदाधिकारी जदयू कार्यालय में पहुंचे और धरना पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे। हालांकि विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्त्ता अपने नेता नीतीश कुमार या अन्य पदाधिकारियों से नाराज नहीं हैं और न ही पार्टी के विरोध में हैं लेकिन आरोप लगा रहे हैं कि चुनाव के बावजूद मनमाने तरीके से जिलाध्यक्ष की नियुक्ति कर दी गई है।
दरअसल गुरुवार को जदयू कार्यालय में पहुंचे दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने कहा कि बीते 1 मार्च को हमारे जिले में जिलाध्यक्ष का निर्वाचन हुआ था। इस दौरान हमलोगों ने एकजुटता के साथ पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार यादव को वोट दिया और उन्हें 202 वोट प्राप्त भी हुए थे लेकिन राज्य निर्वाची पदाधिकारी ने गड़बड़ी की है और 1 वोट पाने वाले राजकुमार शर्मा को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया। हालांकि राज्य निर्वाची पदाधिकारी के द्वारा जानबूझ कर या किसी के दबाव में कम वोट पाने वाले व्यक्ति को जिलाध्यक्ष घोषित किये जाने के सवाल पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह तो वही बतायेंगे कि ऐसा आखिर उन्होंने क्यों किया।
कार्यकर्ताओं ने पार्टी का विरोध किये जाने के सवाल पर कहा कि हम न तो पार्टी के विरोध में हैं और न ही अपने नेता नीतीश कुमार के विरोध में। नीतीश कुमार ने इतने लंबे समय से बिहार को सींचा है तो हम उनके विरुद्ध कैसे जा सकते हैं लेकिन जिलाध्यक्ष के चुनाव में जो गड़बड़ी हुई है वह अन्याय है और हम न्याय की मांग करने के लिए आये हैं। जब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा तब तक हम यहां डटे रहेंगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता नीतीश कुमार समेत पार्टी जिंदाबाद के नारे भी लगाते रहे और कहा कि अभी तक पार्टी के किसी वरीय अधिकारी ने हमसे बात नहीं की है। हमें यह जानना है कि जब एकतरफा वोट अशोक यादव को मिला है तो फिर दूसरे प्रत्याशी को जिलाध्यक्ष कैसे बना दिया गया और इसके साथ ही हमें न्याय चाहिए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता ने कहा कि बक्सर के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार यादव पिछले 9 बार से जिलाध्यक्ष हैं और पूरे जिला के कार्यकर्ता उनके साथ हैं। उन्होंने जिला में पार्टी को खड़ा किया है और लगातार जनहित में कार्य करते रहते हैं। हम सभी डेलिगेट ने एकजुट हो कर उन्हें वोट किया था बावजूद उसके दूसरे प्रत्याशी को विजयी कैसे घोषित कर दिया गया, यह समझ से बाहर है। न्याय नहीं मिलने के एवज हमलोग आगे की अपनी रणनीति पर काम करेंगे।
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