नई दिल्ली: केंद्र की सरकार ने नारीशक्ति वंदन अभियान शुरू की है और इसके तहत देश के सभी सदनों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की कवायद शुरू की है। महिला आरक्षण बिल, परिसीमन विधेयक और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026 को लेकर सरकार ने तीन दिवसीय विशेष सत्र भी बुलाई है जिसका आज दूसरा दिन है। यह सारे बिल गुरुवार को लोकसभा में पेश किये गए। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी इन बिलों पर चर्चा जारी है साथ ही आज ही इस बिल पर वोटिंग भी किया जायेगा।

एक तरफ विपक्ष ने जहां महिला आरक्षण विधेयक का कुछ शर्तों के साथ समर्थन करने का फैसला किया है जबकि परिसीमन विधेयक का विरोध कर रहा है। इसी को लेकर कांग्रेस ने इंडिया ब्लॉक के सभी सांसदों को संसद में उपस्थित रहने के लिए कहा है ताकि वोटिंग के दौरान अपनी ताकत दिखा सके। विपक्षी दलों ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन कर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और अन्य पिछड़े वर्गों से उनकी हिस्सेदारी छीनने की तैयारी कर रही है। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से मुक्त करके 2029 से लोकसभा की वर्तमान संख्या 543 के आधार पर लागू किया जाये।

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इस बिल पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण वाले इस संविधान संशोधन बिल को मिल का पास करें। जो भी इसका विरोध करेगा उसे लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पीएम मोदी ने कह अकी इस मुद्दे को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। अगर यह बिल पास हो जाता है तो इसका श्रेय विपक्षी दलों को देने में भी उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। प्रधानमंत्री ने परिसीमन से जुडी चिंताओं को ख़ारिज करते हुए कहा कि जैसे पहले परिसीमन हुआ और जो अनुपात उस समय से चला आ रहा है उसमें कोई बदलाव नहीं होगा और सीटों की संख्या में वृद्धि भी उसी अनुपात में की जाएगी।

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