पटना: पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा करना होता है और वहीं इस विभाग को अनुशासन के लिए भी जाना जाता है लेकिन राजधानी पटना के एक थानाध्यक्ष अपने आप को सबसे ऊपर मानते हैं। थानाध्यक्ष का रवैया ऐसा है कि वे एसपी कार्यालय में भी पत्रकार से उलझने और धमकाने से बाज नहीं आते हैं। वहीं वे अक्सर ही कहते हुए सुने जाते हैं कि मुझे किसी भी अधिकारी का डर नहीं है और न ही मेरा कोई कुछ बिगाड़ सकता है। हालांकि उक्त थानाध्यक्ष की कारस्तानी जब डीजीपी विनय कुमार के पास पहुंची तो उन्होंने जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश जारी कर दिया है।
दरअसल बीते दिनों पटना सिटी एसपी पश्चिमी के कार्यालय में एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी। प्रेसवार्ता के बाद नौबतपुर थानाध्यक्ष मंजीत ठाकुर किसी बात पर एक पत्रकार से उलझ गए और उन्हें धमकी तक दे डाली। थानाध्यक्ष ने दुस्साहस का परिचय देते हुए एसपी ऑफिस में पत्रकार को न सिर्फ धमकाया बल्कि अपनी पहुंच ऊपर तक होने की बात कही और कहा कि मेरा कोई कुछ बिगाड़ नहीं पायेगा। थानाध्यक्ष के दुर्व्यवहार से पत्रकार क्षुब्ध हो गये और उन्होंने डीजीपी से मामले की शिकायत की।
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मामले को लेकर बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने डीजीपी विनय कुमार मुलाकात कर थानाध्यक्ष के द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने की शिकायत करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पत्रकारों ने डीजीपी को जानकारी दी कि पूरी घटना एसपी कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है जिसे जांच के दौरान देखा जा सकता है। मामले की जानकारी मिलने के बाद डीजीपी विनय कुमार ने तुरंत जांच का आदेश दिया और कहा कि पुलिस अनुशासन के लिए जानी जाती है और इस विभाग में आपराधिक कृत्य को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है। हमने मामले की जांच का आदेश दिया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने मामले की जांच का आदेश पटना जोनल आईजी जितेंद्र राणा को दी है।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट