UGC बिल बना बवाल की वजह, पटना में छात्रों ने बताया ‘काला कानून’
राजधानी पटना में शुक्रवार को यूजीसी के नए बिल को लेकर जोरदार विरोध पटना के दिनकर गोलंबर के पास यह प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्र और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए नियम को “काला कानून” बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
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प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। गुस्साए लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीरों पर काली स्याही पोतकर अपना विरोध दर्ज कराया। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। छात्रों का कहना है कि यूजीसी द्वारा लाया गया नया नियम समाज में भेदभाव को बढ़ावा देता है और एक वर्ग को अलग-थलग करने की कोशिश है। छात्रों ने आरोप लगाया कि यह नियम सवर्ण समाज के खिलाफ है और इससे सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है।
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प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा,“यूजीसी ने जो नया नियम पारित किया है, वह बिल्कुल गलत है। जैसे पहले कहा जाता था कि ‘बांटोगे तो कटोगे और एक रहोगे तो सेफ रहोगे’, लेकिन यह नियम तो समाज को तोड़ने का काम कर रहा है। यह सवर्णों पर कुठाराघात है। हमें अलग-थलग किया जा रहा है। हम इस नियम का पुरजोर विरोध करते हैं।” छात्रों ने सरकार से मांग की कि यूजीसी के इस नए नियम पर दोबारा विचार किया जाए और सभी वर्गों से बातचीत कर निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि शिक्षा से जुड़े फैसले बिना छात्रों और समाज की राय लिए नहीं होने चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन की भी तैयारी की जा रही है।