पटना: एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण किया और दूसरी तरफ बिहार में नए सरकार के गठन को लेकर कवायद शुरू हो गई है। इधर सीएम नीतीश के शपथ ग्रहण पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव NDA और भाजपा पर जम कर बरसे। पटना में मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने बिहार में गरीबी, पलायन, रोजगार समेत कई मुद्दों को लेकर कहा कि इन मुद्दों पर इनका ध्यान नहीं है। इनका मुख्य मुद्दा है किसी तरह कुर्सी पर बने रहना। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षक अभ्यर्थी परीक्षा को लेकर भी हमला किया और कहा कि ये लोग काम करने वाले नहीं बल्कि बिहार को बदनाम करने वाले हैं।

मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा का शपथ लिया है, कोई प्रधानमंत्री के पद की शपथ थोड़े ली है, यह तो औपचारिकता है और न चाहते हुए भी वह कर रहे हैं। हम तो पहले से ही कह रहे थे कि भाजपा खेल करेगी लेकिन NDA वाले क्या कहते थे कि '2025 से  30 फिर से नीतीश।' लेकिन आज क्या हो रहा है। उनलोगों ने झूठ तो बोला है न। इतना बड़ा जनादेश के बावजूद सरकार में परिवर्तन क्यों किया जा रहा है। अगर उनकी इक्षा होती तो चुनाव से पहले भी बोल सकते थे न या सीएम बनने के बाद इक्षा जग गई। उनकी कोई इक्षा नहीं थी बल्कि उनके ऊपर जबरन थोपा गया है। 

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तेजस्वी ने कहा कि असली सवाल है कि बिहार की स्थिति कितना बदतर है। कानून व्यवस्था, शिक्षा, चिकित्सा, गरीबी, पलायन की क्या स्थिति है। बाहर रहने वाले मजदुर गैस की किल्लत की वजह से वापस आ रहे हैं, उसके लिए बिहार की सरकार ने कोई व्यवस्था या चर्चा की है क्या? इनका बस काम ही है, कि भांड में जाये बिहार लेकिन अपनी कुर्सी बची रहे। इनकी यही मंसा है। हमलोगों ने जो वादा किया कितनी ईमानदारी से उसे पूरा किया, आज क्या हो रहा है। नौकरी पर कोई बात नहीं हो रही है। ये लोग काम करने वाले नहीं बल्कि बिहार को बदनाम और बर्बाद कर रहे हैं। अब नई सरकार में कौन मुख्यमंत्री बनेगा नहीं बनेगा, जनता का जनादेश है क्या? बिना जनादेश के मुख्यमंत्री का क्या मतलब है, लोकतंत्र है या नहीं। अब तो दिल्ली से सरकार चलेगी।

इस दौरान दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के द्वारा रोके जाने को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री बोल रहे होते हैं तो लाइट कट जाता है, सदन में बोल रहे होते हैं तो माइक बंद हो जाता है, कभी कोई हाथ पकड़ कर खिंच लेता है तो कोई कंधा पकड़ लेता है। कोई उनका हाथ नीचे कर देता है, उन्हें कितना अपमानित किया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज ही राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण किया है और अब वे बिहार आने के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे देंगे।

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