पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को राजधानी में स्थित पटना विश्वविद्यालय के प्रांगण में नवनिर्मित प्रशासनिक और शैक्षणिक भवन का उद्घाटन करने पहुंचे थे लेकिन इस दौरान छात्रों ने जम कर हंगामा किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पहुँचने के पहले छात्रों ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के विरुद्ध जम कर नारेबाजी की। इसके बाद जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे उस वक्त भी छात्रों ने नारेबाजी की और उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान काफी आक्रामक रूप में दिखे। पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर के नेतृत्व में छात्रों ने एक तरफ जहां नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाये तो दूसरी तरफ सम्राट चौधरी गो बैक के नारे लगाये।
हालांकि इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने आक्रोशित छात्रों को समझाने की कोशिश भी की लेकिन छात्र मानने के लिए तैयार नहीं थे। बाद में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के प्रयासों के बाद छात्र शांत तो हुए लेकिन नए भवन के उद्घाटन के दौरान भी जम कर नारेबाजी की। छात्रों का कहना था कि उद्घाटन समारोह में न तो छात्रसंघ अध्यक्ष होने के नाते हमें आमंत्रित किया गया और न ही अध्यक्षता बोर्ड में विश्वविद्यालय के वाईस चांसलर का नाम नहीं डाला गया। विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित भवन का उद्घाटन था और इस मंच पर यहां के कर्मी और छात्रों को सम्मान नहीं दिया गया जबकि उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री पहुंच गए जबकि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं था।
यह भी पढ़ें - नीतीश जैसा दूसरा कोई नहीं हो सकता, CM के MLC पद से इस्तीफा के बाद रोने लगे मंत्री अशोक चौधरी ने कहा...
मामले को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं और उन्होंने उपहारस्वरूप यह भवन बनवाया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को लेकर हमलोगों को बताया नहीं गया। छात्रसंघ अध्यक्ष होने के बावजूद मुझे आमंत्रित नहीं किया जिसे हमने नजरंदाज कर दिया लेकिन जब कार्यक्रम के अध्यक्षता बोर्ड में हमारे वाईस चांसलर का नाम नहीं दिखना मुझसे बर्दास्त नहीं हुआ और इसी वजह से हमने विरोध किया। शांतनु ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या कारण रहा कि वाईस चांसलर का नाम अध्यक्षता बोर्ड में नहीं डाला गया। जब विश्वविद्यालय प्रशासन के लोग कार्यक्रम में नहीं रहेंगे तो फिर शिक्षा मंत्री, उप मुख्यमंत्री क्यों आयेंगे।
शांतनु शेखर ने कहा कि विश्वविद्यालय में लोकभवन से पारित कर वाईस चांसलर बनाया गया फिर उनका सम्मान क्यों नहीं। पटना विश्वविद्यालय हमेशा ही क्रांति की धरती रही है और यहां हम अन्याय नहीं सहेंगे। उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी गो बैक के नारे लगाये जाने पर कहा कि हमारा किसी से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है बल्कि हम छात्रहित में लड़ाई लड़ रहे हैं। मुझे विश्वविद्यालय के छात्रों ने अब तक के इतिहास में सबसे अधिक वोटों से जीत दिलाई है तो मैं विश्वविद्यालय के छात्र, विश्वविद्यालय की गरिमा के लिए हमेशा लड़ता रहूँगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे विरोध प्रदर्शन के बाद डिप्टी सीएम अंदर गए और सभी लोगों ने हमारे वाईस चांसलर से माफ़ी मांगी उसके बाद हमने अपना विरोध प्रदर्शन बंद किया।
शांतनु शेखर ने कहा कि मैं बिहार सरकार को यह चेतावनी देता हूं कि आज का कार्यक्रम तो सफल नहीं हुआ और आगे भी अगर विश्वविद्यालय की गरिमा से खिलवाड़ किया जायेगा तो शांतनु शेखर चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने राजनीतिक मंच नहीं होने के सवाल पर कहा कि यह भवन भी कोई राजनीतिक भवन नहीं है बल्कि विश्वविद्यालय के परिसर में है। सरकार ने अगर फंड दे कर यह भवन बनवाया है तो यह भवन उनका नहीं बल्कि विश्वविद्यालय का है और इसकी आड़ में कोई खिलवाड़ नहीं होने दूंगा।
यह भी पढ़ें - नीतीश कुमार का इस्तीफा और अगला CM के सवाल पर सम्राट ने साधी चुप्पी, BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा...