गया जी: गयाजी से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां एक गांव के लोगों ने एक परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। गांव के लोगों के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार ने कहा कि गांव में लोगों की वजह से पूरा परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आवेदन दे कर न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित परिवार ने बताया कि गांव के योगेंद्र यादव, श्याम देव, गौतम रजक, सुखेंद्र यादव, रंजन रजक और अवधेश यादव समेत कुछ अन्य प्रभावशली लोगों ने मेरी मां की जमीन अधिग्रहण के बदले मिले मुआवजे की राशि को लेकर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेरी मां के नाम से 61 डिसमिल जमीन में से 16.5 डिसमिल भूमि उत्तर कोयल नहर परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई थी। इसके बदले सरकार की तरफ से उन्हें 4 लाख 90 हजार रूपये मुआवजा मिला था। गांव के सभी प्रभावशाली लोग मेरे ऊपर दबाव बना रहे हैं कि मुआवजे की राशि चाचा वंशी केवट को दें।

यह भी पढ़ें    -   शपथ ग्रहण के साथ ही एक्शन में सम्राट, अधिकारियों को कहा 'काम की गति बढ़ाएं'

पीड़ित ने बताया कि इन लोगों ने 15 मार्च को बैठक कर मुआवजे की राशि चाचा को देने का दबाव बनाया। मैंने जब इसका विरोध किया तो फिर कथित जबरन एक पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिया और खाते से 55 हजार रूपये निकलवा कर चाचा को दे दिए। इसके बाद फिर 22 मार्च को बैठक बुलाई और शेष राशि देने का भी दबाव बने। जब हमने रूपये देने से इंकार किया तो हमें डरा धमका कर बैठक से भगा दिया। मामला यहीं नहीं रुका बल्कि फिर 5 अप्रैल को उन लोगों ने बैठक कर पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा की। इसके बाद लोगों ने 8 अप्रैल को गांव में लाउडस्पीकर से बहिष्कार की सार्वजनिक घोषणा की।

घोषणा में यह कहा गया कि गांव का कोई भी लोग राम केवट से बातचीत नहीं करेगा। अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया गया तो फिर उसके ऊपर 2 हजार रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा। साथ ही गांव के दुकानदारों को भी निर्देश दिया गया कि इस परिवार को कोई सामान न दें। सामाजिक बहिष्कार की घोषणा के बाद मेरा पूरा परिवार गांव में अलग थलग पड़ गया है और मेरे परिवार का हर सदस्य मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहा है। इसके अलावे लोगों ने मुझे एक नोटिस भी भेजा जिसमें अधिकारियों को रिश्वत दे कर मुआवजे की राशि अपने खाते में डलवाने का आरोप लगाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें    -   बिहार की नई सरकार में हो गया विभागों का बंटवारा, CM सम्राट के पास 29 तो जदयू कोटे में...

गया जी से मनीष कुमार की रिपोर्ट