पटना: बुधवार को बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में भाजपा के नेता सम्राट चौधरी ने शपथ ली। उनके शपथ ग्रहण में बिहार के सभी नेता तो शामिल हुए लेकिन केंद्रीय नेतृत्व के शीर्ष नेताओं की कमी रही। इसके साथ ही बिहार के नए सीएम की शिक्षा पर भी अब सवाल उठने लगा है। एक तरफ जहां नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी की शिक्षा पर सवाल उठाया तो दूसरी तरफ जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने भी सवालिया निशान लगा दिए।

सबसे पहले तेजस्वी यादव ने कहा कि लोग मुझे 9वीं फेल कहते हैं लेकिन मैं नवीं पास हूं लेकिन बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तो 7वीं फेल हैं। अगर उन्होंने इससे आगे की शिक्षा ली है तो फिर अपना सर्टिफिकेट दिखाएँ। वहीं अब जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने भी सम्राट चौधरी की शिक्षा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बह्ज्पा ने पिछले दरवाजे से मुख्यमंत्री बनाया है क्योंकि उसे मालूम है कि चुनाव नीतीश कुमार के नाम पर हुआ था और अब सत्ता परिवर्तन जनता के नाम से धोखा है। बिहार में नया चेहरा जनता की मर्जी से नहीं बल्कि थोपा गया है।

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इसके साथ ही पीके ने सम्राट चौधरी को अब बता देना चाहिए कि उन्होंने दसवीं कक्षा कब और कहाँ से उत्तीर्ण की। सम्राट वस्तुत: चाणक्य, आर्यभट्ट, विक्रमशिला, नालंदा जैसी ज्ञान की भूमि बिहार को चाल चरित्र, चेहरा की बात करने वाली भाजपा का पहला उपहार हैं। पीके ने कहा कि आश्चर्य यह कि जनता को अपने मुख्यमंत्री के बारे में यह भी पता नहीं कि उनकी शैक्षणिक योग्यता क्या है। भाजपा ने उन पर लगे दाग पर कोई सफाई नहीं दी। यह नई भाजपा है, जिसमें ऐसे ही लोगों की चलती है। 

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