नई दिल्ली: केंद्र की सरकार महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर कल से संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाई है। संसद के विशेष सत्र को लेकर विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बुलाई जिसमें सभी दलों के नेता शामिल हुए। इस दौरान नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन संबंधी विधेयक पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से परिसीमन का एकजुट हो कर विरोध करने का निर्णय लिया। वहीं महिला आरक्षण 2029 से लागू करने की बात बनी।
बैठक में विपक्षी पार्टियों ने कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जाये। हमलोग महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं। हालांकि इसे जिस तरह से लाया गया है वह संदिग्ध है और हमें इस पर गंभीर आपत्ति है। यह राजनीति से प्रेरित है। मोदी सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने और दबाने के लिए इस तरह का काम कर रही है। हमने हमेशा ही महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया है और इस बात पर जोर दिया है कि इसे पहले पारित संशोधन के आधार पर लागू किया जाये।
बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि परिसीमन पर सरकार कुछ गलत मंशा के साथ कदम बढ़ा रही है इसलिए हम सभी विपक्षी दल एकजुट हो कर संसद में विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहले ही स्पष्ट है कि हम महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ नहीं हैं। वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि वर्ष 2023 में अनुच्छेद 334(ए) को संविधान में शामिल किया गया था जिसके तहत सर्वसम्मति से महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने की बात कही गई थी। हम चाहते हैं कि उस प्रावधान को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाये।
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वहीं बैठक के दौरान ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी परिसीमन विधेयक का स्वागत तभी करेगी जब ओडिशा के राजनीतिक अधिकार बरक़रार रहेंगे। यह सिर्फ संख्या का मामला नहीं है।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल और जयराम रमेश, समाजवादी पार्टी के रमाशंकर राजभर और सनातन पांडेय, द्रमुक नेता टी आर बालू, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत एवं अरविंद सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह सहित अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डिजिटल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
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