किसी के बाप में दम नहीं जो.., मुंबई में बिहार भवन को लेकर मनसे की धमकी पर बिहार में शुरू हुई सियासत...
पटना: 13 जनवरी को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट ने दिल्ली की तर्ज पर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी बिहार भवन निर्माण कराने का फैसला लिया इसके बाद इस पर बिहार कैबिनेट ने राशि की भी मंजूरी दे दी। नवनिर्मित बिहार निवास में कैंसर सहित अन्य बीमारियों के लिए इलाज करवाने पहुंचे बिहारवासियों और अन्य कामों के लिए बिहार सरकार के अधिकारियों और मंत्रियों के लिए महाराष्ट्र में बिहार सरकार ने मुंबई के एलिफिंस्टन एस्टेट, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट क्षेत्र में बिहार भवन का निर्माण करवाएगी। जिसके लिए कैबिनेट की बैठक में 314 करोड़ 20 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
अब मुंबई में बिहार निर्माण को लेकर राजनीति तेज हो गई है। लंबे समय से उत्तर भारतीयों को निशाना बनाने वाले राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने बिहार भवन निर्माण नहीं होने देने की बात कही है। मनसे के कॉर्पोरेटर ने नीतीश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि महाराष्ट्र खुद ही मुद्दों से घिरा हुआ है ऐसे में 314 करोड़ रूपये की लागत से बिहार भवन निर्माण मुंबई में नहीं होने देंगे। अब इस बात को लेकर बिहार में राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ सत्ता पक्ष जहां इसे घृणा की राजनीति बताया तो दूसरी तरफ विपक्ष भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही हमला करने लगा है।
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नहीं चलेगी मनसे की नफरत की राजनीति
इस मामले को लेकर भाजपा ने भारत को एक संघीय ढांचे वाला देश बताते हुए क्षेत्रवाद की राजनीति को अनुचित बताया है। इस मामले में भाजपा के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि भारत एक संघीय ढांचे वाला देश है जहां क्षेत्रवाद की राजनीति को बढ़ावा देना अनुचित है। मुंबई में बिहार भवन इसलिए बनाया जा रहा है ताकि यहां से मरीज और लाचार लोग मुंबई जाते हैं उन्हें रहने खाने में दिक्कत न हो। बिहार के मंत्री और अधिकारी भी जाते हैं तो उन्हें भी रहने की समस्या न हो। बिहार भी अब विकसित राज्य बन रहा है और अगर यहां महाराष्ट्र भवन बनाया जाता है तो हम उसका स्वागत करेंगे। मनसे के नफरत की राजनीति अब नहीं चलने वाली है।
किसी के बाप में दम नहीं जो रोक दे
वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी ने मनसे के नेताओं को फालतू और घटिया करार दे दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खास और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि मनसे के ये लोग फालतू और घटिया हैं। कसी के बाप का दिन नहीं है कि मुंबई में बिहार भवन बनने से रोक दे। देश में राजतन्त्र खत्म हो चुका है और अब लोकतंत्र है। देश का संविधान देश के लोगों को यह अधिकार देता है कि वह कहीं भी जा और रह सकता है।
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सरकार गारंटी करें कि नहीं होगी दिक्कत
वहीं इस मामले को लेकर राजद ने NDA को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि मुंबई में बिहार भवन हर हाल में बने। मीडिया से बात करते हुए राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार, महाराष्ट्र और केंद्र तीनों ही जगहों पर NDA की सरकार है। बिहार सरकार को अविलंब महाराष्ट्र सरकार से बात करते हुए इस बात की गारंटी करनी चाहिए कि मुंबई में बिहार भवन बनने में कोई दिक्कत नहीं होगी। साथ ही ऐसे गीदड़भभकी देने वाले लोगों के विरुद्ध महाराष्ट्र सरकार भाषा और क्षेत्रवाद के नाम पर नफरत फ़ैलाने के आरोप में कड़ी कार्रवाई करे।
कांग्रेस ने लगाया भाजपा पर आरोप
तो दूसरी तरफ मौके की तलाश में बैठी कांग्रेस को भी केंद्र सरकार के ऊपर हमला करने का मौका मिल गया। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में बड़े ही सातिराणा तरीके से क्षेत्रवाद, भाषावाद, जातिवाद, संप्रदायवाद को हवा दी है। आप पूरे देश में देखिए किस तरह से अलग-अलग राज्यों में भाषा को लेकर लड़ाई हो रही है, क्षेत्रवाद के नाम पर लड़ाई हो रही है , जाति और धर्म के नाम पर लड़ाई हो रही है। यह विभाजनकारी लोग हैं और इन्होंने अंग्रेजों के साथ समझौता करके इस देश का बंटवारा करवाया है। फिर किसी विदेशी शक्ति के इशारे पर यह लोग देश का बंटवारा चाहते हैं , और हिंसा का माहौल कर रहे हैं।
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