प्यार की सजा मौत !! अंतरजातीय विवाह करने पर युवक को उसके साढ़ू और बाप ने ही पीट-पीटकर उसकी ....जरुर पढ़ें
बिहार में आय दिन प्रेम विवाह को लेकर घटनाएं सामने आते रहती है पर यह मामला जान आप हैरान हो जायेंगे। दरअसल यह मामला हैरानी भरा इसलिए है क्योंकि अंतरजातीय प्रेम विवाह के दो साल बाद युवक की बेरहमी से पिट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना पटना के परसा बाजार थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान पुनपुन थाना क्षेत्र के जाहिदपुर गांव निवासी श्याम बाबू रविदास के पुत्र ओमप्रकाश उर्फ राजा के रूप में हुई है। परिजनों ने मृतक के साढ़ू और उसके पिता पर हत्या का आरोप लगाया है।
परिजनों के अनुसार, ओमप्रकाश ने करीब दो साल पहले अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। इसी बात को लेकर ससुराल पक्ष के कुछ लोग नाराज थे। आरोप है कि इसी रंजिश में ओमप्रकाश का अपहरण कर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। बताया गया कि रविवार शाम करीब चार बजे ओमप्रकाश जाहिदपुर से अपने ननिहाल परसा बाजार थाना क्षेत्र के सुईथा गांव गया था। शाम सात बजे वह ननिहाल से घर लौट रहा था, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने उसकी तलाश की, मगर रात में कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह तड़वा गांव के पास सड़क किनारे ओमप्रकाश अचेत अवस्था में मिला, वहीं उसकी बुलेट मोटरसाइकिल भी खड़ी थी।
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परिजन उसे तुरंत खजपुरा स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उसे एम्स रेफर कर दिया गया। मंगलवार को एम्स में इलाज के दौरान ओमप्रकाश की मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इस हत्या में उसके साढ़ू और साढ़ू के पिता शामिल हैं, जो इस अंतरजातीय विवाह से लगातार नाराज थे। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद जब वे परसा बाजार थाना में आवेदन देने पहुंचे तो उनकी शिकायत नहीं ली गई। बाद में हवाई अड्डा थाना पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि अस्पताल में पुलिस द्वारा बयान दर्ज कर लिया गया है।
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पुलिस का कहना है कि मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
हैरानी की बात है की विकसित बिहार में आज भी जाती के आधार पर लोगो को मौत के घाट उतार दिया जा रहा है, आज भी अंतरजातीय विवाह को लेकर लोगों की सोच पूरी तरह नहीं बदली है, जिसका नतीजा ऐसे जघन्य अपराध के रूप में सामने आता है। कानून सभी नागरिकों को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार देता है, लेकिन सामाजिक दबाव और पारिवारिक अहंकार कई बार इंसानी जान पर भारी पड़ जाते हैं। जरूरत है कि पुलिस और प्रशासन ऐसे मामलों में समय पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि किसी और को प्यार करने की कीमत अपनी जान देकर न चुकानी पड़े।