पटना: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा राज्य के सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक मंगलवार को पटना स्थित पुराने सचिवालय के विभागीय मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। बैठक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। राज्य के सभी भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं (डीसीएलआर) की पटना में आयोजित समीक्षा बैठक के संबंध में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को त्वरित और पारदर्शी न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज, अपील वाद, राजस्व वसूली और लैंड बैंक से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा से प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत होगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए लंबित मामलों के तेजी से निष्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण जिन नए लोगों को चार्ज दिया गया है उन्हें भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। लोगों के कार्य की गति बढ़ाने का दिशा निर्देश देने के साथ-साथ कोई काम बाधित नहीं हो, इसकी तैयारी की जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण और समीक्षा की इस प्रक्रिया से राजस्व से संबंधित अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लोगों को जमीन से जुड़े विवादों के समाधान में तेजी आएगी। राज्य सरकार  राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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लंबित मामलों के निष्पादन और राजस्व कार्यों की प्रगति पर रहेगा फोकस

विभाग के उप सचिव देवेश कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह बैठक वित्तीय वर्ष 2025–26 की समाप्ति के बाद विभिन्न राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े कार्यों की समीक्षा के उद्देश्य से बुलाई गई है। बैठक दो चरणों में आयोजित होगी। पहले सत्र में प्रधान सचिव सीके अनिल द्वारा विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इस दौरान दाखिल-खारिज अपील वाद, बीएलडीआर वाद तथा मापी अपील वादों के निष्पादन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। विशेष रूप से 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक माहवार निष्पादित वादों की संख्या तथा संबंधित अधिकारियों के पदस्थापन के बाद से अब तक किए गए निष्पादन का आकलन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बैठक में राजस्व वसूली की स्थिति, लैंड बैंक के लिए चिन्हित भूमि का सत्यापन, अंचल एवं हल्का स्तर पर किए गए निरीक्षण तथा अन्य प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।

प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर      

बैठक के दूसरे सत्र में भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं के लिए कोर्ट केस ऑर्डर लिखने का टेस्ट आयोजित किया जाएगा तथा आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता को और बेहतर बनाया जा सके। साथ ही उन्हें अपने-अपने डोंगल, लैपटॉप तथा 4 से 5 कोर्ट केस से संबंधित तथ्यों के साथ बैठक में उपस्थित होने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बैठक में किसी अन्य कर्मी को साथ लाने की आवश्यकता नहीं है। यह बैठक विभागीय कार्यों की गुणवत्ता सुधारने और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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