बिहार की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. पटना स्थित लोकभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इसके साथ ही बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नेता ने मुख्यमंत्री पद संभाला है, जो राज्य की सियासत में एक ऐतहासिक मोड़ माना जा रहा है।
शपथ लेने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी एक्शन मोड में नजर आए। वे सीधे सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार और चल रही सरकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। नई सरकार के शुरुआती संकेतों से साफ है कि शासन व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें : बिहार को मिला 24वां मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी ने ली शपथ, दो डिप्टी CM के साथ नई सरकार
इधर, इस बदलाव पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस सांसद Tariq Anwar ने तंज कसते हुए कहा कि सम्राट चौधरी का “राजनीतिक DNA कांग्रेसी है।” उन्होंने उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए भाजपा पर भी निशाना साधा। वहीं दूसरी ओर भाजपा और जदयू खेमे में उत्साह का माहौल है।सम्राट चौधरी को देशभर से नेताओं की बधाइयां मिल रही हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, भाजपा नेता मैथिली ठाकुर, शाहनवाज हुसैन, दिलीप जैसवाल, दीपक प्रकाश और लोजपा के चिराग पासवान सहित भाजपा और जदयू के तमाम नेताओं ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं और उनके नेतृत्व में बिहार के विकास की उम्मीद जताई है।
यह भी पढ़ें : बर्थडे पार्टी या मौत की साजिश? गया में युवक की संदिग्ध मौत से सनसनी
राजनीतिक गलियारों में “बुलडोजर एक्शन” और “योगी मॉडल” की चर्चा भी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की कार्यशैली को लेकर तुलना शुरू हो गई है। समर्थक जहां सख्त कानून-व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है। वाम दलों ने पहले ही चेतावनी दी है कि बिहार को “बुलडोजर राज” की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें : नो वर्क, नो टॉलरेंस - बिहार में 41 अफसरों को किया ससपेंड, प्रशासन का सख्त एक्शन
सम्राट चौधरी इससे पहले गृह मंत्री के रूप में अपने सख्त बयानों और अपराध के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके कार्यकाल में अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज हुआ था, और अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उससे भी अधिक कड़े कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है। राज्य में पिछले कुछ महीनों से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान को भी नई गति मिल सकती है। हालांकि, बिहार में कानून-व्यवस्था अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। लूट, हत्या और अन्य अपराधों पर लगाम लगाना नई सरकार की प्राथमिकता होगी। ऐसे में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में शुरू हुआ यह “नया दौर” आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।