बिहार की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब सम्राट चौधरी ने राज्य के 24 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, वहीँ पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस एतिहासिक मौके के गवाह बने। नई सरकार में संतुलन साधते हुए जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने डिप्टी मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे साफ संकेत है कि एनडीए गठबंधन ने सत्ता में साझेदारी को मजबूती देने की रणनीति अपनाई है।
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शपथ लेने से पहले सम्राट चौधरी ने पटना के पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले ही उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, जो इस बदलाव की गंभीरता और राजनीतिक महत्व को दर्शाता है। यह बदलाव उस समय हुआ जब Nitish Kumar ने सोमवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। करीब दो दशक तक बिहार की सत्ता संभालने के बाद अब वे राज्यसभा के सदस्य के रूप में सक्रिय रहेंगे।
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56 वर्षीय सम्राट चौधरी भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और उनका राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। 1990 के दशक में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की। 1999 में वे राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने, हालांकि उस समय उनकी कम उम्र को लेकर विवाद भी हुआ।इसके बाद वे जदयू में शामिल हुए और Nitish Kumar के साथ काम किया। 2014 में मांझी सरकार में शहरी विकास मंत्री बने। 2017 में भाजपा में शामिल होने के बाद उनका कद लगातार बढ़ता गया—2018 में प्रदेश उपाध्यक्ष, 2021 में पंचायती राज मंत्री, 2023 में प्रदेश अध्यक्ष और 2024 व 2025 में डिप्टी सीएम व गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। अब मुख्यमंत्री के रूप में उनके सामने बिहार के विकास, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे बड़े मुद्दों पर काम करने की चुनौती होगी।





