पटना: बिहार में सरकारी कर्मी अगर अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं तो बड़ी खबर उनके लिए है। अब बिहार में सरकारी नौकरी करते हुए दूसरी प्रतियोगी परीक्षा देने का मौका बस एक बार ही मिलेगा। अगर कोई कर्मी एक बार से अधिक परीक्षा देना चाहते हैं तो फिर उन्हें परीक्षा से पहले ही उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा। इस संबंध में नगर विकास एवं आवास विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में सरकारी कर्मी को नौकरी करते हुए सिर्फ एक बार अन्य प्रतियोगी परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी।
नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्र में कहा गया है कि बार बार प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए कर्मी अनुमति मांगते हैं, और ऐसी स्थिति में कर्मचारी के द्वारा परीक्षा की तैयारी करने और बार बार परीक्षा में शामिल होने की वजह से विभाग का समय बर्बाद होता है और काम में भी बाधाएं आती हैं। यह कहीं न कहीं लोकहित के खिलाफ है। अब अगर सरकारी कर्मी अपने मौजूदा वेतन स्तर से उच्च वेतन स्तर के पद के लिए प्रतियोगिता परीक्षा देना चाहते हैं तो उन्हें सिर्फ एक बार अनुमति दी जाएगी।
यह भी पढ़ें - पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान चुनाव आयोग का बड़ा धमाका, SIR के बाद मतदाता सूची से हटाये गए 90 लाख नाम
नगर विकास विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई सरकारी कर्मी बार बार परीक्षा देना चाहते हैं तो फिर उन्हें इस्तीफा देना होगा। परीक्षा देने से पहले ही उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा और फिर वह जितनी चाहें परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। सरकार का यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होगा। बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 12 दिसंबर 2022 को राज्य कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया था कि राज्य सरकार के कर्मिचारी अपने पूरे सेवा काल के दौरान बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार तकनीकी सेवा आयोग और बिहार कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से आयोजित परीक्षाओं में अधिकतम पांच बार शामिल हो सकेंगे, लेकिन अब यह सीमा सिर्फ एक परीक्षा की कर दी गई है।