पटना: बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार ने पिछले कई वर्षों में हर घर तक बिजली और पीने का पानी पहुँचाने के लिए कई योजनाएं चलाई और काफी हद तक सफलता भी पाई है। इस बीच बिजली विभाग में छोटे मोटे काम पूरा करने में भी लेट लतीफों की काफी शिकायतें मिल रही थी जिसके बाद सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य की सरकार ने करीब 19 वर्षों बाद बिजली आपूर्ति संहिता में एक बड़ा बदलाव किया है। इस नए नियम के अनुसार अगर बिजली विभाग के अधिकारी तय समय सीमा के अंदर अपना काम पूरा नहीं करते हैं तो फिर उनकी जेब ढीली होगी।

यह भी पढ़ें   -    नालंदा में NIA ने क्यों की थी छापेमारी, DGP ने बता दिया पूरा मामला

नए नियम में सरकार ने तय कर दिया है कि नए कनेक्शन, मीटर बदलने या बिजली से जुड़े किसी भी काम को तय समय सीमा के अंदर पूरा नहीं किया गया तो फिर संबंधित अधिकारी को जुर्माना भरना होगा। जुर्माना की राशि 1000 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से तय की गई है जिसका मतलब है कि अधिकारी जितने दिन देरी करेंगे उतने हजार रूपये उन्हें अपनी जेब से देना होगा। सरकार ने विभाग में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को सही समय से सुविधा देने के उद्देश्य से यह नियम बनाया है।

तय नियम के अनुसार शहरों में नया बिजली कनेक्शन आवेदन के तीन दिन के अंदर लगाना अनिवार्य होगा जबकि अन्य शहरी क्षेत्र और टाउनशिप में यह समय सीमा सात दिन जबकि ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को देखते हुए समय सीमा 15 दिनों की तय की गई है। इस तय समय सीमा के अंदर अगर बिजली विभाग के अधिकारी कामों को नहीं निपटाते हैं तो फिर उन्हें अपनी जेब से 1000 रूपये प्रतिदिन जुर्माना भरना होगा।

यह भी पढ़ें   -    3 दिन की भूख हड़ताल शुरू,TRE-4 नोटिफिकेशन पर सरकार की चुप्पी, बढ़ेगा आंदोलन?

YouTube Video