पटना: सोमवार को बिहार के नालंदा में NIA और ATS की छापेमारी के बाद पूरे बिहार में हड़कंप मच गया। NIA की टीम अहले सुबह नालंदा में कई जगहों पर पहुंची और गहन छानबीन की। अब इस मामले को लेकर बिहार के DGP विनय कुमार ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया है कि आखिर किस मामले में NIA ने छापेमारी की। DGP विनय कुमार ने बताया कि मामला पिछले वर्ष कैमूर और नालंदा से बरामद करीब 7000 कारतूस से जुड़ा है जिसकी जांच पहले STF कर रही थी और अब यह मामला NIA को सौंप दिया गया है।
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DGP विनय कुमार ने कहा कि बीते वर्ष अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गैंग का मुख्य सरगना कालरा ब्रदर्स की गिरफ्तारी पंजाब से हुई थी। उससे पूछताछ के बाद बिहार से भी तार जुड़े थे जिसके बाद बिहार STF ने अपने स्तर से कार्रवाई की और कैमूर के साथ ही नालंदा में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान कैमूर से 4500 जबकि नालंदा से करीब 2500 कारतूस बरामद हुए थे। इस दौरान नालंदा से मो परवेज आलम समेत चार हथियार तस्कर को गिरफ्तार भी किया गया था। बरामद कारतूसों में AK 47 का भी कारतूस था और सभी कारतूस कानपूर के आर्डिनेंस फैक्ट्री निर्मित थे। कारतूस अवैध तरीके से हथियार तस्कर अपराधियों तक पहुंचा रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामला को NIA के हवाले कर दिया गया था और जांच एजेंसी अपने स्तर से जांच कर रही है। इसी कड़ी में NIA की टीम ने नालंदा में कई जगहों पर छापेमारी की। हालांकि DGP ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कल की छापेमारी में क्या बरामद हुआ या NIA ने क्या साक्ष्य इकट्ठे किये लेकिन यह स्पष्ट ज्ररूर कर दिया कि छापेमारी पिछले वर्ष बरामद भारी संख्या में कारतूस के मामले और अवैध हथियार तस्करी से जुड़ा हुआ है।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट





